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Charkhi Dadri News: जो समस्या मिटावैगा, म्हारै वोट पावैगा...

Tue, 17 Sep 2024 05:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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गांव रावलधी में चुनाव पर चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
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चुनावी चौपाल:
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शहर से सटे रावलधी गांव में चुनावी चर्चा जोरों पर, ग्रामीण खुलकर समस्याओं पर कर रहे बात
- 10 साल से अधर में पड़े खेल स्टेडियम और बदहाल जोहड़ समेत जनसमस्याओं का समाधान न होने की टीस
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर की सीमा खत्म हाेते ही रावलधी गांव शुरू हो जाता है। शहर से बिल्कुल सटे इस गांव में चुनावी चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जो समस्या दूर करवावैगा, म्हारै वोट पावैगा...।
ग्रामीण प्रत्याशियों के साथ गांव के मुख्य मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं। ग्रामीण लीलाराम, अशोक कुमार, कृष्ण, अंकित और पवन का कहना है कि प्रत्याशी के गांव में आने पर पहले समस्याएं गिनवाएंगे और उसके समाधान को लेकर सामने वाला का पक्ष भी जानेंगे। अगर प्रत्याशी के वादों में दम लगा तो फिर उसी अनुसार विवेक और सूझबूझ से निर्णय लेंगे। फिलहाल, ग्रामीणों को खेल स्टेडियम की कमी खल रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में खेल स्टेडियम का कार्य पिछले 10 साल से अधर में है। इसके चलते युवा प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। गांव के युवाओं को अपना हुनर तराशने के लिए सड़कों और स्कूल मैदान का रुख करना पड़ रहा है। इसके अलावा गांव में बना 100 वर्ष पुराना पक्का तालाब भी देखभाल के अभाव में अपनी आभा खोता जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाबा न्यारमदास मंदिर के सामने मुख्य गली की हालत भी खस्ता है। खेतों में जाने वाले दो रास्ते कच्चे होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- 50 घर पेयजल आपूर्ति से वंचित
गांव के मेघान पाना में बनी 50 घरों की कॉलोनी में पेयजल लाइन नहीं होने से महिलाओं को सिर पर पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्याशी के सामने रखने के लिए हमने समस्याओं की सूची तैयार कर रखी है। सामने वाले से चुनाव लड़ने का एजेंडा भी पूछेंगे।
ग्रामीणों ने बयां की पीड़ा
गांव का पक्का तालाब जिंदिया महराजा के रियासत काल में बनाया गया था। काफी सालों पहले इसी तालाब में तैराकी प्रतियोगिताओं का आयोजन होता था। अब यह खराब हो चुका है।
-सत्यनारायण, ग्रामीण

- मेघान पाना कॉलोनी में लगभग 50 मकान बने हैं। लेकिन, यहां पेयजल लाइन नहीं बिछाने से महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर कॉलोनी के लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है।
-लीलाराम, ग्रामीण

- गांव में खेल स्टेडियम निर्माण के लिए 68 लाख रुपये की राशि मंजूर हुई थी। 44 लाख की पहली ग्रांट से खेल स्टेडियम की चहारदीवारी का निर्माण व साफ-सफाई का कार्य करवाया गया था। इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ पाया।
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-अशोक कुमार, ग्रामीण
- खेतों में जाने वाले दो रास्ते कच्चे होने के कारण बारिश के दिनों में पानी भर जाता है। इससे किसानों को अपनी खेतों तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो किसान गिरकर घायल भी होते हैं।
-कृष्ण कुमार, ग्रामीण


- रावलधी गांव से जुड़े तथ्य
आबादी - 12,000
मतदाता - 4300
कुल वार्ड - 15


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रावलधी गांव का बदहाल तालाब। संवाद
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खेतों में जाने वाले कच्चे रास्ते में भरा बारिश का पानी। संवाद
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चुनाव पर चर्चा करते ग्रामीण। संवाद

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सतयनारायण।
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लीलाराम।

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अशोक कुमार।

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कृष्ण कुमार।
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