सिविल अस्पताल में करीब सवा माह पहले पहुंची एलाइजा रीडर मशीन अब तक इंस्टॉल नहीं हो पाई है। इसे इंस्टॉल करने के लिए एंक्यूवेटर और सेंट्रीफ्यूज मशीन की दरकार है। दोनों मशीनें अभी स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल नहीं भेजी हैं। इसके चलते डेंगू और चिकनगुनिया के सैंपलों की जांच भिवानी सिविल अस्पताल जाकर करवानी पड़ रही है। इस प्रक्रिया में एक तरफ मरीज और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दिक्कतें होती हैं तो वहीं 72 से 96 घंटे रिपोर्ट का इंतजार भी करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का दावा है कि आगामी कुछ दिनों में ही दोनों मशीनें सिविल अस्पताल पहुंच जाएंगी। इसके बाद दादरी में ही सैंपलों की जांच शुरू कर दी जाएगी।
चरखी दादरी जिले में पिछले लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। जिला अस्पताल के अलावा तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य सेवाओं का टोटा है। वहीं, पिछले लंबे समय से जिले में डेंगू और चिकनगुनिया जांच की सुविधा न होने की कमी भी खल रही है। सिविल अस्पताल में मरीज का सैंपल लेने का इंतजाम तो है, लेकिन जांच की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते मरीजों के सैंपल भिवानी भेजने पड़ रहे हैं। सैंपल लेकर विभाग के कर्मचारी ही भिवानी की भागदौड़ करते हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज को दी जाती है। रिपोर्ट मिलने तक मरीज अपना उपचार शुरू नहीं करवा सकता।
मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं को देखते हुए तत्कालीन सीएमओ विरेंद्र यादव ने एलाइजा रीडर मशीन सिविल अस्पताल मंगवाई थी। इस मशीन की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। मशीन आने के बाद तत्कालीन सीएमओ ने इसे जल्द वर्किंग में लाने का दावा किया था, लेकिन उनका तबादला होने के बाद इस सुविधा का मरीजों का अब तक लाभ नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की माने तो एंक्यूवेटर और सेंट्रीफ्यूज मशीन की डिमांड हेड ऑफिस भेजी जा चुकी है। जल्द ही यह मशीन सिविल अस्पताल पहुंचने की उम्मीद है।
सेटअप इंस्टॉल होने के बाद 24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
सिविल अस्पताल में डेंगू और चिकनगुनिया का पूरा सेटअप अभी नहीं है। यहां मरीजों के सैंपल तो लिए जाते हैं, लेकिन जांच भिवानी सिविल अस्पताल में कराई जाती है। वहां से रिपोर्ट आने में 72 से 96 घंटे का समय लगता है और इसके बाद मरीज को रिपोर्ट सौंपी जाती है। वहीं, अगर दादरी सिविल अस्पताल में पूरा सेटअप इंस्टॉल हो जाए तो मरीज को 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी और समय से वह अपना उपचार शुरू करवा सकेगा।
पंचकूला से आनी हैं दोनों मशीनें
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की माने तो एंक्यूवेटर और सेंट्रीफ्यूज मशीन स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सिविल अस्पतालों के लिए खरीद ली हैं। ये मशीनें पंचकूला रखी हुई हैं और इनके रिलीज ऑर्डर भी हो चुके हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वो उच्चाधिकारियों के संपर्क में हैं। अगले दस से पंद्रह दिन में मशीनें दादरी सिविल अस्पताल पहुंचने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद पूरा सेटअप इंस्टॉल कर दिया जाएगा। ये मशीनें आने के बाद थायराइड और ब्लड सैंपलों की जांच भी शुरू हो जाएगी।
450 है सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी
सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 450 मरीजों की है। पिछले अगर दो माह की बात करें तो बुखार के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. चंचल तोमर ने बताया कि बुखार की ओपीडी करीब पांच प्रतिशत बढ़ी है। प्राइवेट लैब पर डेंगू और चिकनुगनिया टेस्ट की फीस 600 रुपये है। भिवानी से सैंपल रिपोर्ट 72 घंटे में आने से ज्यादातर मरीज प्राइवेट लैब पर ही अपनी जांच कराने को विवश हैं।
2018 में डेंगू पॉजिटिव 34 केस आए थे सामने
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो 2018 में 34 लोगों के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। इनमें से 26 केस शहर की अलग-अलग कॉलोनियों के थे, जबकि आठ केस ग्रामीण क्षेत्र के थे। इस साल की अगर बात करें तो डेंगू पॉजिटिव का कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं, लारवा मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक 166 लोगों को नोटिस थमाए हैं।
चरखी दादरी के डिप्टी सीएमओ डॉ. चंचल तोमर ने बताया कि अभी एंक्यूवेटर और सेंट्रीफ्यूज मशीन और आनी हैं। इनके आने के बाद ही एलाइजा रीडर मशीन वर्किंग में आ पाएगी। दोनों मशीनें भेजने के ऑर्डर हो चुके हैं और जल्द मशीनें दादरी सिविल अस्पताल पहुंच जाएंगी। फिलहाल सैंपलों की जांच भिवानी करवानी पड़ रही है।