राजकीय स्कूलों में शिक्षा विभाग बच्चों की प्री-असेसमेंट परीक्षा लेगा। इससे बच्चों के अधिगम स्तर का आंकलन हो सकेगा। यह परीक्षा 22 और 23 अगस्त को आयोजित की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग तैयारियों में जुटा है। इस परीक्षा के बाद सक्षम 2.0 परीक्षा होगी। यह परीक्षा सितंबर प्रथम सप्ताह में होनी है।
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत डायरी लेखन, होमवर्क व बरखा कहानी संग्रह भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा सक्षम अभियान भी जारी है। शिक्षा विभाग आठवीं कक्षा तक के बच्चों में अंग्रेजी, गणित, हिंदी, एसएस व साइंस विषयों में पकड़ बनाने के लिए प्रयास कर रहा है, ताकि बच्चों का अधिगम स्तर ऊंचा उठाया जा सके। इसके लिए अलावा विभाग की ओर से बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए भी प्लान तैयार की जा रहा है। समय- समय पर सह्गामी क्रियाओं का आयोजन किया जाता है।
अब शिक्षा विभाग 22 और 23 अगस्त को कक्षा तीन से आठवीं तक बच्चों की प्री-असेेसमेंट परीक्षा लेगा, ताकि यह पता चल सके कि बच्चों ने अब तक कितना ग्रहण किया है। उनका अधिगम लेवल किस स्तर का है। यह परीक्षा थर्ड पार्टी एजेंसी की ओर से आयोजित की जानी है। इस परीक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
कक्षा तीन से पांचवीं के बच्चों की हिंदी, गणित व ईवीएस विषयों की परीक्षा होगी, जबकि कक्षा छह से आठवीं के बच्चों की हिंदी, गणित, एसएस और साइंस विषयों की परीक्षा होगी। प्री-असेसमेंट परीक्षा के बाद इन बच्चों की सक्षम-2.0 परीक्षा आयोजित होनी है। सक्षम 2.0 परीक्षा सितंबर प्रथम सप्ताह में आयोजित की जानी है। यह परीक्षा किसी एजेंसी के जरिए करवाई जाएगी।
विभाग के अधिकारी लगातार कर रहे मॉनीटरिंग
इन परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी स्कूलों में विजिट कर लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। शिक्षकों को गाइड लाइन दी जा रही हैं। इस संबंध में बीईओ कुलदीप सिंह का कहना है कि इस मुहिम से गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों को प्रेरित करते हुए मेहनत करवाएं। ज्ञात रहे जिले के शिक्षा बोर्ड का दसवीं कक्षा का परिणाम पिछले दो साल से प्रदेश में टॉप पर बना रहा है। डीपीसी कुलदीप फौगाट ने बताया कि प्री-असेसमेंट परीक्षा के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस परीक्षा के बाद सक्षम 2.0 परीक्षा होनी है। इनका उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार लाना है।