चरखी दादरी। जिला के जलघरों में अब मानसून के चार महीने तक पानी की गुणवत्ता खराब नहीं होगी। मेन लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के माध्यम से जिले के सभी जलघरों में पानी डाला जाता है, लेकिन बारिश के पानी और खेतों के जलभराव का पानी नहरों में डालने से पहले जलघर चार माह तक पीने योग्य नहीं रहते थे।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग ने लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के साथ 50 किलोमीटर लंबी ड्रेन बनाने का निर्णय लिया है। इस ड्रेन के बनने के बाद जलभराव वाले खेतों का पानी सीधे इसमें छोड़ा जाएगा और इसके बाद पानी ड्रेन-8 में जाएगा। इससे नहरों में खेतों का पानी डालने की जरूरत खत्म हो जाएगी और जिले के सभी जलघर सुरक्षित और पीने योग्य पानी से भरेंगे।
संगठनों ने उठाई आवाज
किसान नेता जगबीर घसौला ने बताया कि खेतों से उठाए गए पानी में रासायनिक खाद की मिलावट होती है, जिससे नहरों और जलघरों का पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन जाता है। विभिन्न किसान और सामाजिक संगठन लंबे समय से इस दिशा में आवाज उठा रहे थे।
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50 किमी लंबी और 20 फीट चौड़ी होगी ड्रेन
सिंचाई विभाग ने ड्रेन का ड्राइंग तैयार कर लिया है और निशानदेही करवाई जा रही है। बधवाना और लोहारू नहरों के साथ बनने वाली ड्रेन लगभग 50 किलोमीटर लंबी और 20 फीट चौड़ी होगी। इस ड्रेन का पानी सीधे मेन ड्रेन-8 में छोड़ा जाएगा। इससे नहरों में खेतों का पानी नहीं जाएगा और जलघरों का पानी साफ और पीने योग्य बना रहेगा। बधवाना नहर पर गांव घसौला से ड्रेन निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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विभाग ने ड्रेन निर्माण करवाने के लिए ड्राइंग तैयार कर ली है। अभी निशानदेही की जा रही है। ड्रेन 50 किलोमीटर लंबी बनेगी। ड्रेन बनने से जलभराव का पानी नहरों में नहीं डलेगा। - सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, चरखी दादरी।