रानिया वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर पड़ा कचरा।
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अब शहर में कचरा स्टोरेज और प्रबंधन की दिक्कत नहीं रहेगी। कचरे को रिसाइकिल करने के दो करोड़ के प्रोजेक्ट के वर्क ऑर्डर हो गए हैं। करीब चार माह पहले नगर परिषद ने इसकी योजना तैयार कर सरकार को भेजी थी। इसके बाद सरकार की तरफ से स्वीकृति देने के बाद योजना को सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे।
शहर में प्रतिदिन ट्रैक्टर टॉलियों के माध्यम से कचरे का उठान होता है। कॉलोनियों से घर-घर जाकर तिपहिया वाहनों से कचरा एकत्रित किया जाता है। शहर में प्रतिदिन 20 टन कचरा निकलता है। जिसका ठीक से प्रबंधन न होने के चलते शहर में ढेर लग जाता है। इसके चलते वातावरण भी प्रदूषित होता है। इस समय कचरे को शहर के रानिया जोहड़ के समीप खुले में डाला जा रहा है। अब इस कचरे के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की ओर से कचरे को रिसाइकिल करने के दो करोड़ के प्रोजेक्ट के वर्क ऑर्डर हो गए हैं। इसके तहत कचरे की खाद तैयार की जाएगी। इससे शहर के रोजगार्डन व अन्य स्थानों पर लगे पौधों आदि में खाद का इस्तेमाल हो सकेगा।
सूखे और गीले कचरे को किया जाएगा पृथक
नगर परिषद की ओर से कचरा का स्थायी प्रबंधन करने के लिए पिछले साल प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कचरे को रिसाइकिल करके इसका सदुपयोग करना है। सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग करके इसका प्रबंधन किया जाएगा। कचरे से खाद भी तैयार की जाएगी। नगर के विभिन्न भागों में पार्कों में लगे पौधों में इस खाद का इस्तेमाल किया जा सके। इसके अलावा खाद का अन्य जगह भी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल हो सकेगा।
- स्वच्छता सर्वेक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम
स्वच्छता सर्वेक्षण की दृष्टि से भी यह काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सर्वेक्षण-2021 के लिए नगर परिषद की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। खासकर प्लास्टिक कचरा के प्रति नगर परिषद ज्यादा गंभीर बनी हुई है। इसके लिए बाजारों में भी दुकानदारों व आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि प्लास्टिक व इससे बनी वस्तुओं पर प्रतिबंध लग सके।
कचरा निस्तारण के लिए वर्क ऑर्डर हो गए हैं। कुछ ही दिनों में काम शुरू हो जाएगा। कचरे से खाद तैयार की जानी है। इसके साथ ही कचरे के स्टोरेज की समस्या भी दूर हो जाएगी।
संजय छपारिया, नगर परिषद चेयरमैन