क्रांतिकारी चौक पर लगा वाहनों का जाम।
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बाढड़ा। उपमंडल बनने के करीब दस साल बाद भी बाढड़ा कस्बे में बाईपास न होने से मुख्य चौक पर जाम लगा रहता है जिससे कस्बे के व्यापारी व आमजन परेशानी से जूझ रहे हैं और लोगों में प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है। दस हजार से अधिक आबादी वाले कस्बे को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। कस्बे में आवागमन के लिए उचित सड़क नहीं है।
क्रांतिकारी चौक से बाढड़ा, जुई, सतनाली, लोहारू व चरखी दादरी के लिए प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। वाहनों को चौक पर कई घंटों तक जाम में ही फंसा रहना पड़ता है। कस्बे की जनता की मांग पर रिंग रोड निर्माण के लिए दो बार प्रस्ताव भेजा गया है जिस पर आज तक अमल नहीं हो स का है।
रिंग रोड के लिए नहीं मिला बजट
रिंग रोड निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संदीप सिंटी, जगत सिंह बाढड़ा, व्यापारी नेता जयबीर काकड़ौली, प्रदीप, सतबीर, महेश व नरेंद्र जांगड़ा ने बताया कि कस्बे में अतिक्रमण होने से भी दिक्कत बन रही है। सरकार से बाइपास निर्माण की मांग की जा चुकी है। दुकानों के सामने रेहड़ी व वाहनों की भीड़ बनी रहती है। जाम की वजह से उनके व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
चौक पर लगा रहता है जाम
उपमंडल बनने के करीब दस साल बाद भी बाढड़ा कस्बे में बाईपास न होने से मुख्य चौक पर वाहनों से जाम लगा रहता है जिससे कस्बे के व्यापारी व आमजन परेशानी से जूझ रहे हैं। लोगों में प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है। दस हजार से अधिक आबादी वाले कस्बे को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। कस्बे में आवागमन के लिए उचित मार्ग नहीं हैं।