पहली बार जिले के 55 जलघरों तक सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम नहरी पानी पहुंचाने में कामयाब रही है। 12 दिन की नहरी टर्न में इस बार 700 क्यूसिक पानी मिला है और इसके बावजूद 58 में से 55 जलघरों तक पानी पहुंच चुका है। जलघरों तक पानी पहुंचने के दो कारण हैं। एक तो नहरी पानी की चोरी कम होना और दूसरा अधिकारियों की मुस्तैदी। जलघर के टैंक भरने पर कई गांवों में तो करीब पांच साल बाद नहरी पानी सप्लाई होगा। अब आने वाले समय में पेयजल संकट से काफी राहत मिल जाएगी।
इस समय शहर के दोनों जलघरों में भी पानी चल रहा है। जिले की नहरों में 16 नवंबर को पानी छोड़ा गया था। सिंचाई विभाग ने 900 क्यूसिक पानी का इंडेंट भेजा था जबकि 800 क्यूसिक पानी ही इस बार मिला है। इंडेंट से 200 क्यूसिक कम पानी मिलने के बावजूद जिले के 55 जलघरों तक पानी पहुंचाने का जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग का संयुक्त प्रयास सराहनीय है। जिले में 58 जलघर हैं और करीब 65 तालाब ऐसेे हैं, जो नहरों से जुड़े हैं। तालाबों के जरिये मवेशियों के लिए पानी उपलब्ध होता है। इस बार नहरी पानी की चोरी नहीं होने की वजह से विभाग जलघरों को भरने में सफल रहा है। किसानों ने रबी की फसलों की ताजा बिजाई कर रखी है। इस वजह से नहरी पानी की खपत नहीं हुई।
नहरी पानी के साथ 90 बोरिंग ट्यूबवेलों का सहारा ले रहा विभाग
जिले में इस समय 90 बोरिंग ट्यूबवेेल के जरिये भी पेयजल की सप्लाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग ने कई गांवों में यह ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। ट्यूबवेल भी लगातार जल दोहन के चलते बीच-बीच में जवाब दे जाते हैं। इस पर विभाग को फिर से नया बोरिंग करना पड़ता है। शहर के जलघरों में भी एक दर्जन बोरिंग ट्यूबवेल हैं।
3750 लाख लीटर है शहर की पेयजल स्टोरेज क्षमता
इस समय जिले की मेन लोहारू कैनाल में पानी चल रहा है। बधवाना डिस्टीब्यूट्री में भी इस बार पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा गया है। इन दोनो नहरों से शहर के दोनों जलघरों में भी पानी डाला जाता है। लोहारू कैनाल से मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाले जाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस मेन जलघर में चार वाटर स्टोरेज टैंक बने हैं जबकि दूसरे रामनगर जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। शहर में पेयजल की स्टोरेज क्षमता 3750 लाख लीटर है।
आज बंद हो जाएगा नहरों में पानी
पहली बार रिकार्ड 55 जलघरों में नहरी पानी पहुंचा है। जलघरों तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग के जेई कपिल हुड्डा, एसडीओ ओमदत्त शर्मा और एसडीओ राहुल छिल्लर ने लगातार गांवों में जाकर साइटों का जायजा लिया गया। सरंपचों और ग्रामीणों के सहयोग एवं आपसी तालमेल से यह कार्य संभव हो पाया है। अभी नहरों में 30 नवंबर तक पानी चलने की उम्मीद है, ऐसे में जिन जलघरों में पानी कम मात्रा में है उनमेें भी पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाएगा।
यहां पहुंचा पर्याप्त पानी
दादरी शहर के अलावा गांव बलकरा, मंदोली, घसोला, कपूरी-रामनगर, ढाणी फौगाट, रानीला, अचीना, मिसरी, सांवड़ सहित 55 जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचा है। अभी जलघरों में पानी डालने का काम जारी है।
जलघरों के वाटर टैंकों में अभी पानी डाला जा रहा है। अंडरग्राउंड पाइप लाइन, पंप एवं मोटर का सहारा लेकर जलघरों तक पानी पहुंचाया गया है। शहर के वाटर टैंक भी लबालब हैं। कई जलघर तो ऐसे हैं जिनमें पानी पहुंचना दुर्लभ बना हुआ था, लेकिन कोशिश करने पर यह आसान हो गया।
कपिल हुड्डा, जेई, सिंचाई विभाग