कृषि विशेषज्ञों की सलाह : किसान खेत का प्रतिदिन दौरा कर पौधों की स्थिति का लेते रहें जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दिन का तापमान ज्यादा होने के चलते रेतीले भागों में सरसों के ताजा अंकुरित पौधे नष्ट हुए हैं। जिन किसानों ने 20 से 25 अक्तूबर के मध्य बिजाई की थी, उनके यहां यह समस्या ज्यादा है। वहीं, कृषि विशेषज्ञ बिजाई के बाद ही किसानों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान सरसों में धोलिया रोग के प्रति शुरुआत से ही सतर्क रहें। किसान सरसों के अंकुरित पौधों की प्रतिदिन निगरानी रखें और प्रतिदिन खेत का दौरा कर पौधों की स्थिति का आकलन करते रहें। पिछले 20 दिनों से अधिकतम तापमान 34 डिग्री बने रहने से सरसों की ताजा बिजित फसल में नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
रेतीले भागों की बात करें तो दिन में तीन-चार घंटे तेज धूप होने की वजह से रेत गर्म हो जाती है। इससे अंकुरित पौधे नष्ट हो गए हैं। गांव महराणा, पातुवास, खेड़ी सनवाल, झोझूकलां व बाढड़ा सहित कई भागों में सरसों में धोलिया रोग से खेत से पौधे नष्ट हो गए हैं। इससे खेत में निर्धारित पौधों की संख्या कम हो गई है। इसका प्रतिकूल असर आगामी समय में औसत पैदावार पर पड़ सकता है।
- दोबारा करनी पड़ी बिजाई
किसान राजेंद्र, मनोज कुमार महराणा व सतबीर सिंह ने बताया कि ज्यादा तापमान की वजह से सरसों के अंकुरित पौधे नष्ट हो गए। कई किसानों को दोबारा से बिजाई करनी पड़ी है।
- 50 हेक्टेयर में हो चुकी बिजाई, पछेती अभी जारी
कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान प्रतिदिन खेत का दौरा करें। सूर्योदय से पहले पौधों की स्थिति का जायजा लें। जरूरत पड़ने पर कृषि अधिकारियों से सलाह लें। ताकि, समय रहते उपचार किया जा सके। जिले में अब तक 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई हो चुकी है। अभी पछेती बिजाई जारी है।
वर्सन:
किसान प्रतिदिन खेत का दौरा कर जायजा लेते रहें। जरूरत पड़ने पर कृषि अधिकारियों से सलाह लें। ज्यादा तापमान की वजह से अगेती बिजाई वाले खेतों में धोलिया रोग की शिकायत है। रेतीले भागों में किसान पौधे की फव्वारा से हल्की सिंचाई करें। ताकि, कुछ बचाव हो सके।
-डॉ. जितेंद्र सिहाग, खंड कृषि अधिकारी
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खेत में खड़ी सरसों की फसल। फाइल फोटो