झोझू खुर्द में नशामुक्त यात्रा निकालते कादमा शाखा के प्रतिनिधि।
झोझूकलां/कादमा। सकारात्मक सोच, भगवान में आस्था व विश्वास और राजयोग के नियमित अभ्यास से जीवन नशा मुक्त व सुखमय बन सकता है। यह बात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की झोझूकलां-कादमा की महाशिवरात्रि पर्व पर आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गांव झोझू खुर्द व आदमपुर दाढ़ी में क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कही।
उन्होंने कहा कि ईश्वर हमें 1440 मिनट प्रतिदिन देता है और उसमें से 10 मिनट परमात्मा को देने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। घर को मंदिर बनाने वाली, बच्चों व युवाओं को संस्कार देने वाली महिला नशे की लत में है तो हमारा भविष्य अंधकारमय है। महिलाएं अपने गृहस्थ जीवन को आध्यात्मिक योग की शक्ति से सरल सहज व सुंदर बन सकती हैं और बच्चों को संस्कारवान बना समाज का उत्थान करने में अपना अहम योगदान भी दे सकती हैं।
उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर सभी व्रत रखते हैं, लेकिन वास्तव में जीवन में नैतिकता, आध्यात्मिकता व मानवीयता को धारण कर अपने परिवार व समाज को दिव्य श्रेष्ठ बनाने का व्रत कोई नहीं लेता। आज इसी व्रत की आवश्यकता है। आपसी वैर भाव को समाप्त कर प्यार और सहयोग की भावना लानी चाहिए। झोझूकलां सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी ज्योति ने सभी से नशा मुक्त जीवन का आह्वान किया। ब्रह्माकुमार मनोज ने मिमिक्री के माध्यम से नशे से होने वाली हानि की जानकारी दी।