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Charkhi Dadri News: चरखी दादरी के 200 बेड के नागरिक अस्पताल में पेयजल किल्लत, मरीजों को खरीदकर पीना पड़ रहा पानी

Wed, 03 Jun 2026 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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नागरिक अस्पताल में वाटर कूलर की जगह खाली पड़ी है। 
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चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग भले ही आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करता हो लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। ऐसा ही एक संवेदनशील और परेशान करने वाला मामला शहर के 200 बेड के नागरिक अस्पताल से सामने आया है।
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यहां इलाज के नाम पर वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को भीषण गर्मी के इस मौसम में पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में पानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बेबस मरीज बाजार से महंगे दामों पर पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।

जिले के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए नागरिक अस्पताल को 200 बेड का दर्जा दिया गया है लेकिन अस्पताल में निशुल्क उपचार करवाने आए मरीजों को महंगे दामों में पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। लगभग पांच महीने पहले अस्पताल के नए भवन में खराब हुए वाटर कूलर हटा दिए गए थे जिसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अस्पताल में पेयजल की परेशानी को देखते हुए स्थानीय समाजसेवी की और से वाटर कूलर के साथ फिल्टर दान किया गया था। इमरजेंसी कक्ष के बाहर वाटर कूलर लगने के बाद मरीजों को राहत की सांस मिल पाई थी लेकिन देखभाल के अभाव में वाटर कूलर में लगा फिल्टर बंद होने से मरीजों को गुणवत्ता रहित पानी पीना पड़ रहा है।
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कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

200 बेड के इस जिलास्तरीय अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा का न होना स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के इस ढुलमुल रवैए पर गहरा रोष जताया है। उनका कहना है कि जो प्रशासन दान में मिली वस्तुओं का रखरखाव नहीं कर सकता उससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कैसे की जा सकती है

कोट:


सांस में में परेशानी होने से पिछले छह से दिनों से चिकित्सक ने वार्ड में भर्ती किया गया है। बीमारी की खबर मिलने के बाद हर रोज हाल चाल जानने के लिए रिश्तेदारों का तांता लगा रहता है। गर्मी में दूर दराज से आए परिचितों को पानी पिलाने के लिए अस्पताल के बाहर से पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। सस्ते इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में आना पड़ता है वहीं यहां आने के बाद बाजार से 20 रुपये की पानी की बोतल या फिर महंगे दामों पर कैंपर खरीदने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता। - सूरजभान, वार्ड में भर्ती मरीज
कोट:
गर्मी के सीजन में हल्का बुखार आने के बाद दो दिनों से उपचार के लिए भर्ती किया गया था। लेकिन अस्पताल में पीने के पानी की सुविधा नहीं होने से वार्डों में भर्ती सभी मरीज बाहर से पानी लाने को मजबूर हो रहे है। बाहर गेट के पास लगे वाटर कूलर का फिल्टर बंद रहने से पानी की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे है। प्रशासन को चाहिए कि वो सुविधाओं के साथ पानी की परेशानी का भी समाधान करें।- विक्रम सिंह, वार्ड में भर्ती मरीज

वर्सन:
वीरवार को वाटर कूलर के खराब पड़े फिल्टर को ठीक करवा दिया जाएगा तथा अस्पताल पहुंचे वाटर कूलर को लगवा दिया जाएगा। इसके अलावा कुछ दिनों में डिमांड अनुसार और भी वाटर कूलर आने है। जिनको मरीजों की सुविधा अनुसार लगवाया जाएगा। - डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ एवं प्रवक्ता, नागरिक अस्पताल।
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