बारिश के दौरान खेतों में भर गया था पानी, किसानों के नहर में निकासी करने से पेयजल की गुणवत्ता हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मानसून की बारिश से खेतों में भरे पानी की निकासी कर नहरों में डाला जा रहा है। नहरों से यह पानी जलघरों में पहुंच रहा है। इससे पेयजल की गुणवत्ता कम हो रही है।
मुख्य लोहारू नहर व बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में खेतों से पानी का उठान कर डाला जा रहा है। शहर में वैसे ही पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। इस मौसम में पानी से वैसे ही संक्रमण का खतरा ज्यादा बना रहता है। घरों में लगी आरओ मशीन से भी यह पानी साफ नहीं हो पा रहा है।
बता दें कि खेतों में भरे बारिश के पानी का उठान कर इस समय नहरों में डाला जा रहा है। नहरों से ही जलघरों में पानी डाला जाता है। शहर और गांवों के जलघर नहरों से ही जोड़ रखे हैं। पाइपलाइन व नालों के जरिये नहरों से पानी जलघरों तक पहुंचता है।
पिछले दिनों हुई बारिश से लोहारू नहर पर पड़ने वाले गांव बिरहीं कलां, चरखी, पांडवान, साहुवास, घिकाड़ा, अचीना, झींझर, खातीवास, जयश्री, रावलधी, कलियाणा, रासीवास व घसोला आदि में खेतों में जलभराव बना हुआ है। अब इस पानी की निकासी नहरों में की जा रही है।
बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के तहत गांव भागवी, मोरवाला, कंहेटी, सरूपगढ़, समसपुर, इमलोटा आदि गांवों में भी जलभराव बना हुआ है। इस क्षेत्र के खेतों का पानी बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में डाला जा रहा है। ज्यादा मात्रा में जलभराव से भूमिगत जलस्तर बिल्कुल ऊपर आ गया है। इससे चव्वे की समस्या बन गई। चव्वे का पानी नहरों में डाला जा रहा है। पानी में दुर्गंध भी बनी हुई है। जलघरों में यह पानी पहुंचने से पेयजल की गुणवत्ता कम हो गई है।
उपभोक्ता बोले : पीने लायक नहीं है घरों में आपूर्ति होने वाला पानी
पेयजल उपभोक्ता कैप्टन सोमवीर सिंह, मांगेराम, सुरेंद्र, चंद्रसिंह व भीम सिंह का कहना है कि खेतों से पानी का उठान कर नहरों में डाला जा रहा है। नहरों से यह पानी जलघरों में पहुंच रहा है। इससे पेयजल का पानी बेहद खराब हो गया है। पानी पीने लायक नहीं रहा। आरओ से भी गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है।
-हैंडपंप और दूर-दराज के क्षेत्र से पानी लाने के लिए विवश
जिले में वैसे ही पानी का संकट बना रहता है। लोग इस समय हैंडपंप व अन्य दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। इन लोगों ने विभाग से जलघरों में साफ पानी डाले जाने की मांग की है। ताकि, लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध हो सके। बारिश के मौसम में वैसे ही संक्रामक रोगों का खतरा बना रहता है। इस समय जिले की सभी नहरों में पानी छोड़ रखा है। नहरों में बारिश का ही पानी छोड़ रखा है। खेतों से पानी का उठान किया जा रहा है।
वर्सन:
पानी निकासी के लिए नहर या ड्रेन ही विकल्प है। जल्द ही पानी की निकासी का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद यह समस्या नहीं रहेगी।
-वेदपाल, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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जिले की मुख्य लोहारू कैनाल। संवाद
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खेतों में भरा बारिश का पानी। संवाद