चरखी दादरी। गांव साहुवास में पिछले लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंगलवार को सरपंच राजेश के नेतृत्व में ग्रामीण जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) सोहन लाल को ज्ञापन सौंपकर पेयजल व्यवस्था सुधारने की गुहार लगाई।
13 साल पुराना जलघर पड़ा है सूखा
ग्रामीण हरीश, महेंद्र, शिवकुमार, दयानंद और संदीप ने बताया कि गांव में वर्ष 2013 में जलघर का निर्माण किया गया था। शुरुआती दो-तीन वर्षों तक तो जलघर के टैंक में नियमित रूप से पानी पहुंचता रहा और आपूर्ति ठीक रही। इसके बाद कभी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने तो कभी प्रशासनिक लापरवाही के कारण जलघर तक पानी पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया। गर्मी में लोग दूर-दराज से पानी ढोने या खरीदने को मजबूर हैं।
नहर में पानी होने के बावजूद सूखी पड़े टैंक
ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले चार दिनों से नहर में पानी चल रहा है लेकिन साहुवास के जलघर के टैंकों तक नहरी पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। ग्रामीणों का दर्द है कि वे तीन दिन पहले भी इसी समस्या को लेकर कार्यालय आए थे मगर तब उन्हें केवल कोरा आश्वासन देकर टाल दिया गया। समाधान न होने पर उन्हें मंगलवार को दोबारा अधिकारियों की चौखट पर दस्तक देनी पड़ी।
नई पाइपलाइन बिछाकर समस्या का होगा स्थायी समाधान
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहनलाल ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही गांव के जलघर तक नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी ताकि नहर का पानी सीधे डिग्गी तक पहुंच सके। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।