गांव हड़ौदी में वाहन से पहुंचा पानी भरते हुए ग्रामीण।
बाढड़ा। क्षेत्र के गांव हड़ौदी और हड़ौदा में तेज आंधी व बारिश के पांच दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे इलाके में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।
पिछले सप्ताह तेज हवा और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई थी। पांच दिन बीत जाने के बावजूद हड़ौदी और हड़ौदा गांवों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिजली की लाइनों के क्षतिग्रस्त होने और 135 से अधिक खंभों के टूटने से क्षेत्र की सप्लाई ठप है। बिजली निगम की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में लगी हुई हैं और नए खंभे लगाए जा रहे हैं। हालांकि, जब तक बिजली बहाल नहीं होती, तब तक ट्यूबवेल भी बंद पड़े हैं जिससे पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही।
गांवों में पेयजल संकट इस कदर बढ़ गया है कि लोग दूसरे गांवों से टैंकर मंगवाकर पानी खरीदने को विवश हैं। ट्रैक्टरों की मदद से कुछ हद तक पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है।
ग्रामीण जगबीर चांदनी, सरपंच सुनील कुमार, रणधीर सिंह, राजेश कुमार और अनिल कुमार ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में लगातार बिजली गुल रहने से जीवन बेहाल हो गया है। उन्होंने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि बिजली निगम के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सप्लाई लाइनें अब भी जमीन पर गिरी हैं।
इस विषय में बिजली निगम के एसडीओ राम सिंह ने बताया कि क्षेत्र के लगभग 20 गांवों में भारी नुकसान हुआ है। क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के लिए टीमों को लगाया गया है और जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।