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Charkhi Dadri News: शहर से गांव तक गहराया पेयजल संकट, टैंकरों के सहारे चल रही जिंदगी

Sun, 24 May 2026 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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स्थानीय एमसीएच यूनिट में टैंकर से टैंक में पानी भरते हुए।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से भले ही नई बिछाई गई लाइनों के कनेक्शन होने पर शहर में पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं लेकिन फिलहाल कुछ क्षेत्रों में पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। पानी संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए लोग टैंकर, कैंपर व सबमर्सिबल का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं नहरों में पानी पांच मई को बंद हुआ था और अब 29 मई को आने की संभावना है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर जलघरों के टैंक खाली होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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शहरवासियों की पेयजल संबंधी परेशानियों का स्थायी समाधान करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ क्षेत्रों में नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था। करीब 10 दिन पहले इन लाइनों को चालू करने के लिए कनेक्शन का काम शुरू किया गया था। इस काम के लिए शहर में कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बंद किया गया था। भीषण गर्मी और पेयजल आपूर्ति बंद होने से शहर में पेयजल संकट गहरा गया।
विभाग के प्रयासों के बाद अधिकारियों ने शहर में पेयजल सप्लाई सुचारू करने के दावे किए गए थे लेकिन शहर के काठ मंडी, बस स्टैंड रोड, सरदार झाड़ू सिंह चौक व चंपापुरी क्षेत्र के लोग पिछले 10 दिनों से आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। परेशान लोग घरों में पानी संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए सबमर्सिबल, टैंकर, कैंपरों का सहारा लेने को मजबूर हैं जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण टैंक खाली होने से हजारों लोग परेशान हैं।
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10 गुना बढ़ी टैंकरों की सप्लाई
स्थानीय पानी टैंकर सप्लायर नरेश कुमार ने बताया कि शहर में पेयजल लाइनों का कनेक्शन करने से पहले जहां प्रतिदिन 35 से 40 पानी के टैंकरों की खपत होती थी वहीं अब पिछले 10 दिनों से यह संख्या 350 तक पहुंच गई है। हालात ऐसे बने हैं कि अधिकतर क्षेत्रों में बुकिंग करवाने के बाद अगले दिन ही टैंकर पहुंच पाते हैं।
क्या कहते हैं लोग
शहर में पेयजल संकट गहराने के बाद टैंकर के दाम भी बढ़ गए हैं। बुकिंग के 14 घंटे बाद ही टैंकर पहुंच पाते हैं जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में पानी के टैंकरों की मांग कितनी बढ़ गई है। वहीं 10 दिन पहले जहां पानी का टैंकर 500 रुपये तक उपलब्ध हो जाता था वहीं अब 700 रुपये में पहुंच रहा है।- निरंजन कुमार, बस स्टैंड के समीप निवासी।
घर में पानी की एक बूंद भी नहीं है जिसके कारण एक सप्ताह से कपड़े धोने का काम रुका हुआ है। घर के बर्तन साफ करने व नहाने के लिए पड़ोस में लगी सबमर्सिबल मोटर से पानी लाना पड़ रहा है। पीने योग्य पानी न होने से महंगे दामों में कैंपर खरीदने पड़ रहे हैं। रितू देवी, स्थानीय महिला।
पिछले 10 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। इसके कारण घर में पानी भंडारण के लिए बनाई टंकी खाली पड़ी है। सबमर्सिबल के पानी से केवल घर में साफ-सफाई संबंधी कार्य हो पाते हैं। नहाने के लिए पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे है जो आर्थिक तौर पर काफी महंगे होते हैं। कुसुम देवी, स्थानीय महिला।
एक तो पिछले दस दिनों से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है वहीं दूसरी ओर सप्लाई का कोई भी निर्धारित समय नहीं बनाया गया है। ऐसे में विभाग के कर्मचारी मनमर्जी से पानी की सप्लाई करते है। कभी-कभार तो पानी के इंतजार में पूरी रात जागना पड़ता है। विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वो नई पाइप लाइन के कनेक्शनों का काम पूरा होने के बाद समय में भी बदलाव करवाने का काम करे।- शकुंतला देवी, पूर्ण मार्केट के पीछे कॉलोनी निवासी।
वर्सन :
पूरे शहर को पर्याप्त पानी सप्लाई के लिए नई लाइन बिछाई गई है। शहर के सभी क्षेत्रों में कनेक्शन चालू करने का काम पूरा कर लिया गया है। कुछ क्षेत्रों में लाइन लीकेज संबंधी समस्याएं आ रही हैं। इनको जल्दी ही ठीक कर पानी की सप्लाई सुचारू हो जाएगी। मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।
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