चरखी दादरी। करीब 43 करोड़ रुपये की जलनिकासी परियोजना का निर्माण कार्य 30 जून तक पूरा हो जाएगा। बरसात से पहले काम पूरा करवाना सिंचाई विभाग अधिकारियों की प्राथमिकता है ताकि बारिश के दौरान करीब 15 गांवों में जलभराव की समस्या न बनने पाए। यह काम इस समय प्रगति पर है। इस निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत पाइपलाइन भी बिछाई जा रही है। परियोजना पर काम पूरा होने से पिछले तीन दशक से चली आ रही समस्या का समाधान हो जाएगा।
जिले में हर साल मानसून सीजन में जलभराव की वजह से करीब पांच हजार एकड़ जमीन में खरीफ की फसल खराब हो जाती है। खरीफ ही नहीं अगली रबी की बिजाई का काम भी देरी से पूरा हो पाता है जिससे किसानोंं को हर साल लाखों की चपत लगती रही है। जिले के गांव इमलोटा, अचीना, मोरवाला, सरूपगढ़, भागवी, कन्हेटी, सातौर, लोहरवाड़ा, झिंझर, समसपुर, खातीवास, जयश्री, कमोद, मिसरी,रावलधी, चरखी, पैतावास, मानकावास, पांडवान, बिरही कलां, छपार, फतेहगढ़, साहुवास, बौंदकलां, रणकौली आदि गांवोंं में हर साल जलभराव की समस्या बनती है जिससे हर साल करोड़ोंं की सड़कें भी खराब हो जाती हैं।
इस क्षेत्र में हर साल नई सड़कें बनानी पड़ती हैं। इन गांवों में इस समय बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था नहीं है। ज्यादा बारिश होने पर किसान फसलों की बिजाई भी नहीं कर पाते जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ती है। चार साल पहले सरकार ने जिले में एक बड़ी जल निकासी योजना बनाई थी यह प्रस्ताव बाद में खारिज कर दिया था। यह योजना में 60,000 फुट लंबी बनाने का प्रस्ताव था। किसानों के जमीन देने से इन्कार करने पर इसे रद्द कर दिया गया था।
- वर्ष 2023 में आवंटित हुआ था बजट
अब छोटी-छोटी भूमिगत निकासी पाइपलाइनें बिछाई जा रही हैं। इसके लिए वर्ष 2023 में 43 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ था। इसके तहत गांव इमलोटा-दादरी ड्रेन और इमलोटा- कंहेटी के अलावा भागवी, मोरवाला, समसपुर, दादरी व बौंद कलां ब्लॉक के गांवों में छोटे टुकड़ों में यह योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बनी पाइपलाइन का पानी नहरों में डाला जाएगा जिससे इन गांवों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
- दादरी ब्लॉक में खर्च होंगे 22 करोड़
इस प्रोजेक्ट पर 43 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है जिसमें अकेले दादरी ब्लॉक का 22 करोड़ का बजट है। बौंदकलांं क्षेत्र के कई गांवों में भी मिनी ड्रेनों का निर्माण हो रहा है।
विभाग 30 जून तक ड्रेन निर्माण कार्य पूरा करवाने के लिए तेजी से काम कर रहा है ताकि जुलाई में मानसून की बारिश होने पर जलभराव की दिक्कत न होने पाए। यह परियोजना पूरी होने के बाद जलभराव की दिक्कत नहीं आएगी। - हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।