कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक व अधिकारी।
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चरखी दादरी। निपुण हरियाणा कार्यक्रम के तहत नवंबर माह की जिला स्तरीय डीपीआईयू बैठक बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एसपीआईयू सदस्य सुखदा और सम्पर्क कोऑर्डिनेटर रविन्द्र कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक का संचालन और एजेंडा प्रस्तुतिकरण जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार ने किया। उन्होंने जिले में निपुण हरियाणा मिशन की प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की। बैठक के दौरान एसपीआईयू सदस्य सुखदा ने सेंसेस ग्रुपिंग असेसमेंट को लेकर मेंटर्स को प्रशिक्षण भी प्रदान किया। अंत में एफएलएन कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार ने सभी अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए बताया कि टीमवर्क और सतत प्रयास ही जिले को निपुण लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा सकते हैं।
कम दक्षता वाले स्कूलों पर फोकस
बैठक का मुख्य फोकस उन स्कूलों पर रहा जहां भाषा और गणितीय दक्षताओं का स्तर अपेक्षा से कम पाया गया है। अधिकारियों ने विद्यालय-वार समीक्षा कर उन प्रमुख कारणों पर चर्चा की जिनकी वजह से कुछ बच्चों का सीखने का स्तर निर्धारित मानकों तक नहीं पहुंच पा रहा। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे स्कूलों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए और तुरंत निदानात्मक कक्षाओं का आयोजन किया जाए।
सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट पर मंथन
बैठक में आगामी 22-23 दिसंबर को प्रस्तावित दूसरे चरण की सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट पर विस्तृत मंथन हुआ। अधिकारियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि सभी स्कूल निर्धारित तिथि से पूर्व आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें। यह मूल्यांकन छात्रों की वास्तविक सीखने की स्थिति समझने और आगे की शैक्षणिक रणनीतियों को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
स्कूलों से बनाएं नियमित संवाद : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र चौधरी ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने के अधिकार को मजबूत करने का सामूहिक प्रयास है। उन्होंने सभी बीआरपी और एबीआरसी को निर्देश दिया कि स्कूलों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, शिक्षकों के साथ माइक्रो-लेवल प्लानिंग करें और विशेष रूप से कम दक्षता वाले छात्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सुधारात्मक गतिविधियां सुनिश्चित करें।
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