चरखी दादरी। जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 60 में से 56 चिकित्सक हड़ताल पर रहे जबकि चार ने आपातकालीन कक्ष में अपनी सेवाएं दीं। दूसरी ओर परामर्श और दवा न मिलने पर मरीजाें का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्टाफ से तू-तड़ाक के साथ चिकित्सकों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं, एक महिला मरीज के तीमारदार ने तो डायल 112 पर भी कॉल कर दी। हालांकि वहां से पूरे प्रदेश में ही चिकित्सकों की हड़ताल होने का जवाब मिला।
बता दें कि दादरी जिले में कुल 60 चिकित्सक नियुक्त हैं। एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार बुधवार को एक चिकित्सक ने दादरी सिविल अस्पताल में जबकि तीन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अपनी सेवाएं दीं जबकि बाकी 56 चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते पूरे जिले में करीब 2500 की ओपीडी प्रभावित रही। जिसके कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, चिकित्सक एसोसिएशन के अनुसार अगर 28 दिसंबर तक मांगें पूरी नहीं की गई तो 29 को ओपीडी के साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित कर दी जाएंगी।
- इन स्वास्थ्य केंद्रों से बिन उपचार के लौटे मरीज
बता दें कि दादरी शहर में सिविल अस्पताल व मातृ-शिशु अस्पताल दो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा जिले में तीन सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) हैं। इन सभी 17 केंद्रों की दैनिक ओपीडी करीब 2500 रहती है। बुधवार को किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक ने ओपीडी नहीं देखी। मरीजों को बिन उपचार लिए ही स्वास्थ्य केंद्रों से लौटना पड़ा।
-पर्ची कटी न दवा मिली, दोनों काउंटर रहे बंद
सुबह 9 बजे सिविल अस्पताल समेत सभी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी शुरू होती है, लेकिन चिकित्सकों के हड़ताल पर होने के चलते कोई भी ओपीडी पर्ची ही नहीं बनवा पाया। इसके अलावा पहले की ओपीडी पर्ची के आधार पर मरीज जब काउंटर पर दवा लेने पहुंचे तो वहां भी मायूसी हाथ लगी।
जानिये...किस स्वास्थ्य केंद्र की कितनी है ओपीडी और कितनी रही प्रभावित
स्वास्थ्य केंद्र- दैनिक ओपीडी,
सिविल अस्पताल-1300
मातृ-शिशु अस्पताल-200
सीएचसी- 400
पीएचसी-600
ये हैं चिकित्सक एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
- चिकित्सकों के लिए एक विशेष कैडर का गठन किया जाए।
- गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो।
- एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख करना चिकित्सकों की मुख्य मांगें हैं।
मरीज बोले : आने-जाने में हुई परेशानी, उपचार भी नहीं मिला
- मेरी पत्नी 7 माह की गर्भवती है और उसमें खून की कमी है। कल रात से पेट में दर्द है और सुबह अस्पताल पहुंचा था, लेकिन चिकित्सक सीट पर नहीं है। डायल 112 पर कॉल की तो वहां से भी मदद नहीं मिली।
- अजय, गांव नौसवा
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-ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करवाना है और इसके लिए मेडिकल प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। मेडिकल करवाने के लिए पालड़ी से दादरी सिविल अस्पताल आया था, लेकिन यहां पर आकर पता चला चिकित्सक हड़ताल पर हैं।
-हमीर सिंह, गांव पालड़ी
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- मंगलवार शाम से सीने में दर्द है और रात को तकलीफ काफी बढ़ गई। बुधवार सुबह दादरी सिविल अस्पताल पहुंच गया और यहां आने के बाद स्टाफ ने बताया कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। सेवाएं नहीं मिल पाएंगी।
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सुरेश, गांव नीमली
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-पीलिया से ग्रस्त हूं और शरीर में बेहद कमजोरी आई हुई है। बुधवार सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंच गया था। सोचा था जल्दी चिकित्सक को दिखाकर समय से घर वापसी कर लूंगा, लेकिन उपचार ही नहीं मिल पाया।
-मूलचंद, गांव चिड़िया
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एचसीएमएस के आह्वान पर जिले के सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस दौरान इमरजेंसी केस अटैंड किए गए जबकि ओपीडी बंद रखी गई। अगर मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो 29 दिसंबर को आपातकालीन सेवा भी बंद रखेंगे।
डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ एवं जिला महासचिव, एचसीएमएसए