संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। रोहतक मंडल आयुक्त संजीव वर्मा रविवार को बौंदकलां क्षेत्र के तीन गांवों में पहुंचे। उन्होंने बौंदकलां, सांवड़ व फौगाट गांव के खेतों में जाकर ओलावृष्टि से सरसों व गेहूं की फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया। किसानों ने आयुक्त को बताया कि गेहूं के बजाय सरसों की फसल में ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान हुआ है।
आयुक्त ने किसानों से कहा कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें, खेतों में जाकर पटवारियों द्वारा सही गिरदावरी की गई है। किसानों को सरसों व गेंहू फसल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने संबंधित गांवों के राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों के नुकसान का ब्योरा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाकर सही वेरिफिकेशन करें। उन्होंने पटवारियों को निर्देश दिए कि वे टैब पर दर्शाई जा रही जानकारी को भी बारीकी से चेक करें।
आयुक्त संजीव वर्मा ने राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी का फसलों में हुए नुकसान के साथ मिलान किया और संबंधित अधिकारियों व पटवारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान आयुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पटवारी किसान के खेत के प्रत्येक एकड़ में जाकर फसल खराबे की जांच करें और किसानों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं होना चाहिए। संजीव वर्मा ने कहा कि किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर भी पंजीकरण करवाना जरूरी है। ओलावृष्टि से किसानों का जितना खराबा हुआ है, उतना ही पोर्टल पर दर्ज करना चाहिए।
खराबा के आंकलन में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं
आयुक्त संजीव वर्मा ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खराबे का आंकलन महत्वपूर्ण कार्य है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। गिरदावरी रिपोर्ट में सही आंकड़े आने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए ई-गिरदावरी प्रणाली अपनाई गई है। आयुक्त ने गिरदावरी का डाटा रिकाॅर्ड के साथ मिलान किया और संबंधित कानूनगो, पटवारी व अन्य अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।