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Charkhi Dadri News: 10 माह में शहर की बिजली क्षमता होगी डेढ़ गुनी, कार्ययोजना तैयार

Sun, 01 Sep 2024 04:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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दोनों मुख्य पाॅवर सब स्टेशनों को ओवरलोड से मिलेगा छुटकारा, बिजली के मामले में शहर हो जाएगा आत्मनिर्भर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। आने वाले 10 माह में शहर के दोनों मुख्य पाॅवर सब स्टेशनों को ओवरलोड से छुटकारा मिल जाएगा। शहर में बिजली क्षमता डेढ़ गुनी हो जाएगी। अब तक शहर में गांवों में बने पाॅवर सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। अब शहर से गांवों में आपूर्ति करने के लिए भी पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध हो जाएगी।
शहर में दो पाॅवर सब स्टेशन हैं। प्रथम रेलवे रोड पाॅवर सब स्टेशन पर क्षमता बढ़ाने के लिए यहां 33 केवीए क्षमता के नए सब स्टेशन के निर्माण का काम शुरू हो गया है। वहीं, दूसरे मुख्य और सबसे पुराने चरखी स्थित भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड बीबीएमबी पाॅवर सब स्टेशन में एक और हब पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर जल्द लगने जा रहा है। इससे चरखी पॉवर सब स्टेशन की क्षमता 200 से बढ़कर 260 मेगावाट हो जाएगी। इससे शहर ही नहीं, इसके अधीन 33 केवीए पॉवर स्टेशनों से गांवों में होने वाली बिजली आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। नए बिजली कनेक्शनों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी।
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जिले में बिजली की खपत 750 लाख यूनिट है। 11,160 बिजली ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं।
बिजली निगम उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने के साथ ही क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी समानांतर काम कर रहा है। अब तक जिले के तकरीबन सभी ग्रामीण पॉवर सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। गांव घसोला, मकड़ाना, मकड़ानी, मोरवाला, बाढड़ा पॉवर सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। जिले में इस समय गांव रानीला, संतोखपुरा में नए पॉवर सब स्टेशन निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। दादरी शहर के 25 प्रतिशत भागों में इस समय घसोला गांव के पॉवर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
जिले के सबसे पुराने और पहले बने चरखी दादरी बीबीएमबी भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड पॉवर सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए हिसार हेड ऑफिस से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब यहां केवल हब पॉवर ट्रांसफाॅर्मर लगना बाकी है। बीबीएमबी पॉवर सब स्टेशन की क्षमता इस समय 200 मेगावाट है। अब इसे बढ़ाकर 260 मेगावाट किया जाएगा।
बीबीएमबी पॉवर सब स्टेशन से शहर के करीब 50 प्रतिशत क्षेत्र में आपूर्ति होती है। शेष बिजली विभिन्न गांवों में बने 33 केवीए पॉवर सब स्टेशनों के लिए दी जाती है। 33 केवीए सब स्टेशनों से गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। बीबीएमबी की क्षमता बढ़ऩे पर नगर में कम वोल्टेज की समस्या भी दूर हो जाएगी। इतना ही नहीं, अन्य करीब पांच 33 केवीए पॉवर सब स्टेशनों का लोड भी कम हो जाएगा। इससे नए बिजली कनेक्शनों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी।
रेलवे रोड सब स्टेशन का काम शुरू
दूसरी ओर शहर के रेलवे रोड पर बने पॉवर सब स्टेशन परिसर में ही एक और 33 केवीए सब स्टेशन निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। इस पॉवर बस स्टेशन की क्षमता 32 एमवीए है। एक और 33 केवीए क्षमता का पॉवर सब स्टेशन बनने के बाद शहर ही नहीं, आसपास के गांवों में भी पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। इस समय शहर में गांवों में बने पॉवर सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति करनी पड़ रही है। कारण यह कि शहर के पॉवर सब स्टेशन ओवरलोड बने हुए हैं। इनका लोड कम हो जाएगा। चरखी बीबीएमबी पॉवर सब स्टेशन की क्षमता 200 से बढ़कर 260 हो जाएगी।

वर्जन
चरखी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाकर 200 से 260 मेगावाट हो जाएगी। इससे शहर व गांवों में कनेक्शनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। कम वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। शहर व गांवों में लोड की समस्या कम हो जाएगी। इसके लिए हब पॉवर ट्रांसफाॅर्मर की मांग भेज रखी है। जैसे ही ट्रांसफाॅर्मर मिल जाता है, इसे लगा दिया जाएगा।
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-मुख्य अभियंता, ओमवीर लांबा, दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, हिसार
वर्जन
शहर में दोनों पॉवर सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ने पर लोड कम हो जाएगा। इस समय दोनो पॉवर सब स्टेशन ओवरलोड चल रहे हैं। रेलवे पॉवर सब स्टेशन का फाउंडेशन बन गया है। पेड़ों की वजह से थोड़ी दिक्कत आ रही है। यह समस्या जल्द दूर होे जाएगी।
-कनिष्ठ अभियंता श्रीनिवास, बिजली निगम
फोटो 01
पॉवर सब स्टेशन।
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