- कष्ट निवारण समिति की बैठक में डीसी बोले- डीएसपी साहब मेरे पास सूचना आई है कि चार-पांच जगहों पर चारपाई पर रखकर बेची जाती है मादक पदार्थों की पुड़िया, सभी जगहों पर कार्रवाई करो
- पिछले माह दादरी को नशामुक्त घोषित करने के लिए स्वयं आए थे डीजीपी, जनता कॉलेज ऑडिटोरियम में की थी घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 21 जून को डीजीपी शत्रुजीत कपूर दादरी को नशामुक्त जिला घोषित कर चुके हैं। वहीं, अब भी जिले में 4-5 जगहें ऐसी हैं, जहां चारपाई पर रखकर मादक पदार्थों की पुड़िया बेची जाती है। ये बातें जिला उपायुक्त मुनीश शर्मा ने कहीं हैं। अगर उपायुक्त को मिला यह इनपुट सटीक है तो फिर दादरी नाम का ही नशामुक्त जिला बना है।
लघु सचिवालय के सभागार में बुधवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित हुई। मंत्री श्याम सिंह राणा के न आने पर बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मुनीश शर्मा ने की। एक शिकायत की सुनवाई के दौरान डीएसपी धीरज कुमार अपना पक्ष रख रहे थे, उसी दौरान उपायुक्त को याद आ गया कि उन्हें इनपुट मिला था कि दादरी के नशामुक्त घोषित होने के बाद भी चार-पांच जगहों पर मादक पदार्थ सरेआम बेचे जा रहे हैं। मादक पदार्थ बेचने वाले चारपाई पर पुड़िया रखकर बेचते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि उन्होंने इनपुट देने वाले को फोटो या वीडियो उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। उसने जवाब दिया कि अगर ऐसा करेंगे तो हमारा मोबाइल छीनकर तोड़ देंगे जबकि नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। उपायुक्त ने डीएसपी को निर्देश दिए कि इस बार आयोजित होने वाली एनकोर्ड समिति की बैठक में लोगों से मिले इनपुट को भी शामिल करें। मादक पदार्थ बेचने वालों पर पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखे।
- 21 जून को डीजीपी ने किया था नशामुक्त घोषित
पुलिस विभाग ने दादरी को प्रदेश का पहला नशामुक्त जिला घोषित किया था। यह घोषणा करने के लिए 21 जून 2025 को डीजीपी शत्रुजीत कपूर दादरी आए थे। उन्होंने जनता कॉलेज ऑडिटोरियम से दादरी को नशामुक्त घोषित किया था। वह मुहिम में सहयोग करने वाले पार्षदों व सरपंचों को सम्मान भी देकर गए थे।
वर्सन
एनकोर्ड समिति की बैठक में आगे से इस तरह के इनपुट को शामिल करेंगे। जिले को नशामुक्त बनाने में सबसे बड़ी भूमिका नागरिकों की है। मेरी अपील है कि अगर जिले में कहीं भी मादक पदार्थ बेचे जा रहे हैं तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
-मुनीश शर्मा, उपायुक्त, चरखी दादरी