पूर्व विधायक से एसपी बोले- आपके ऊंची आवाज में बात करने से एफआईआर नहीं होगी दर्ज
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चरखी दादरी में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत रखने पहुंचे पूर्व विधायक रणबीर मंदौला। संवाद
- चरखी दादरी में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में पूर्व विधायक रणबीर मंदौला ने रखा 4 लाख की ठगी का मामला, पुलिस अधिकारियों पर लगाया ठगी के आरोपी का साथ देने का आरोप
- डीसी मुनीश शर्मा ने दिए दोबारा जांच करने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। डीसी साहब, मैं पूर्व विधायक हूं। मैंने अपने एक रिश्तेदार की पत्नी को टीजीटी अध्यापक लगवाने के लिए 4 लाख रुपये दिए थे। आरोपी ने काम भी नहीं कराया और चार लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस का जांच अधिकारी भी कार्रवाई करने के बजाय उल्टा मुझ पर शिकायत लेने का दबाव बना रहा है। दादरी में बुधवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में पूर्व विधायक रणबीर मंदौला ने यह गुहार लगाई।
वहीं, एसपी अर्श वर्मा ने इस मामले की दोबारा जांच कराने की बात कहते हुए शिकायतकर्ता को आश्वस्त करने का प्रयास किया। इससे पहले एसपी ने कहा कि आपके ऊंची आवाज में बात करने से एफआईआर दर्ज नहीं होगी। रही बात प्राथमिक जांच रिपोर्ट दर्ज करने की तो वह पुलिस ललिता कुमारी गाइडलाइन के अनुसार करती है।
वहीं, पूर्व विधायक रणबीर मंदौला ने बुधवार को चार लाख की ठगी मामले में पुलिस पर आरोपी का पक्ष लेने समेत उन्हें डराने, धमकाने और अपमानित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। कष्ट निवारण समिति की बैठक में पूर्व विधायक रणबीर मंदौला ने बताया कि कलाली निवासी सुरेंद्र ने उनके साथ ठगी की। वह आदतन ठग है। नजफगढ़ में 1.30 करोड़ रुपये ठगे जबकि तोशाम में एक व्यक्ति से जमीन हड़प ली। इसके अलावा, गुजरात में वह शराब तस्करी भी करता है। बावजूद इसके दादरी पुलिस कार्रवाई करने के बजाय उसका ही पक्ष ले रही है।
- शिकायत में नहीं थी जान, सबूत भी पुख्ता नहीं
डीसी मुनीश शर्मा ने पूर्व विधायक की शिकायत पर जब पुलिस से पक्ष जाना तो एसपी ने कहा कि इनकी शिकायत में कुछ खास नहीं था। जो साक्ष्य दिए गए थे, वे भी पर्याप्त नहीं थे। फिर भी अगर अब तक की जांच से यह संतुष्ट नहीं हैं तो किसी दूसरे अधिकारी से जांच करवाई जाएगी।
डीएसपी धीरज कुमार ने यह रखा अपना पक्ष
डीएसपी धीरज कुमार ने कहा कि मामले की जांच की गई है। जिस महिला की नौकरी लगवानी थी, उसके देवर मुकेश ने भी बयान दिया था कि 4 लाख रुपये उन्होंने पूर्व विधायक रणबीर मंदौला को दिए थे। मुकेश ने बताया कि नौकरी न लगने पर पूर्व विधायक ने उन्हें रुपये वापस कर दिए। पूर्व विधायक ने सुरेंद्र को रुपये देने का कोई सबूत पेश नहीं किया। सुरेंद्र ने कहा है कि उसका पूर्व विधायक के साथ पुराना परिचय है। बिजनेस के सिलसिले में पूर्व विधायक और उसका देश के विभिन्न शहरों में आना-जाना था। इसका खर्च वह उठाता था।
- मंत्री नहीं पहुंचे तो डीसी ने ही सुनीं समस्याएं
कष्ट निवारण समिति की बैठक में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को आना था, लेकिन वह नहीं आए। इससे डीसी मुनीश शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने 20 में से 13 परिवादों को लंबित रखा जबकि 7 का निपटान किया।