चरखी दादरी। गुटबाजी के कारण हम इस बार चौधर अपने हाथों से गंवा बैठे हैं। इस बार हमें संगठन बनाना है। मिलकर अपनी पार्टी के हित में काम करना है। ये बातें कांग्रेस की राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रीटा चौधरी ने रविवार को शहर के विश्राम गृह में आयोजित बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं से कहीं। उधर, प्रेसवार्ता के दौरान बैठने को लेकर चार लोगों में तकरार हो गई। मीडिया का नाम लेने पर वे चुप हुए।
कांग्रेस ने संगठन बनाने के लिए अभियान शुरू किया है। इसके लिए पार्टी 30 जून तक हरियाणा में जिलाध्यक्ष नियुक्त करेगी। रविवार को राजस्थान के मंडावा से विधायक और राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रीटा चौधरी दादरी में कार्यकर्ताओं को नसीहत देने पहुंचीं। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। बैठक में पीसीसी पर्यवेक्षक जगदीश यादव व लाल बहादुर खोवाल भी मौजूद रहे।
चंडीगढ़ में राहुल गांधी की कांग्रेसियों को नसीहत के बाद हुई पहली बैठक में रीटा चौधरी ने पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से मंथन किया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष हुए चुनाव में हरियाणा में काफी गुटबाजी देखने को मिली। इसका असर यह हुआ कि चुनाव में चौधर कांग्रेस के हाथ से चली गई।
पर्यवेक्षक के समक्ष कांग्रेसियों में हुई तकरार
प्रेसवार्ता के समय पर्यवेक्षक ने सभी को कुछ देर के लिए बाहर जाने के लिए कहा। इस दौरान पूर्व विधायक व भिवानी के कार्यकर्ता मौजूद थे। पीसी में बैठने के लिए सभी चौधर करने लगे। इस दौरान चार लोगों में वहां मौजूद रहने के लिए तकरार हो गई। दो मिनट चली तकरार को पर्यवेक्षक रीटा चौधरी ने शांत कराया। मीडिया का नाम लेने पर सभी चुप हुए। गुटबाजी खत्म करने की नसीहत देने आईं पर्यवेक्षक को दादरी के कार्यकर्ताओं ने गुटबाजी की झलक दिखा दी।