चरखी दादरी। शहर में बिजली लाइन लॉस को नियंत्रित करने में तो बिजली निगम को काफी हद तक सफलता मिली है जबकि ओवरलोड व फॉल्ट की वजह से 20 हजार उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है।
निगम की ओर से बिजली चोरी पर अंकुश लगाने, संदिग्ध क्षेत्रों में छापा मार कार्रवाई करने, पुराने और जर्जर तारों के स्थान पर नई केबल बिछाने के बाद शहर का लाइन लॉस घटकर 20 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है। हालांकि लाइन लॉस में सुधार के बावजूद शहर में बिजली उपभोक्ताओं को अभी भी निर्बाध और नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
ओवरलोडिंग, बिजली लाइनों में फॉल्ट व तकनीकी खराबियों के कारण दिन और रात के समय बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
15 फीडरों से हो रही सप्लाई
शहर में बिजली आपूर्ति 15 फीडरों और दो पावर सब स्टेशनों के माध्यम से की जा रही है। बढ़ते उपभोक्ताओं और बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग से कई क्षेत्रों में बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। इससे कई फीडरों पर ओवरलोड की स्थिति बन रही है जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
बिजली चोरी पर हुई कार्रवाई
शहर में लाइन लॉस कम करने के लिए लगातार अभियान चलाया गया। बिजली चोरी की शिकायतों और संदिग्ध कनेक्शनों की जांच के लिए विभिन्न क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई की गई। बिजली चोरी पकड़े जाने पर संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई और जुर्माना भी लगाया गया।
इसके साथ ही कई स्थानों पर पुराने व कमजोर तारों को बदलकर नई केबल लगाई गई जिससे तकनीकी खराबियों और बिजली के अनावश्यक नुकसान में कमी आई है।
राजस्व स्थिति में भी होगा सुधार
लाइन लॉस में सुधार को निगम की उपलब्धि माना जा रहा है। पहले बिजली आपूर्ति के दौरान तकनीकी कारणों और अवैध रूप से बिजली उपयोग होने से निगम को अधिक नुकसान उठाना पड़ता था। अब लाइन लॉस 20 प्रतिशत से नीचे आने से बिजली निगम की राजस्व स्थिति में भी सुधार होने की उम्मीद है।
लोगों को हो रही परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि कई क्षेत्रों में बिजली के बार-बार कट लगने और फॉल्ट आने से घरेलू कार्यों के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। लोगों का कहना है कि बिजली निगम को ओवरलोड फीडरों की क्षमता बढ़ाने, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने व जर्जर बिजली लाइनों को समय रहते बदलने की जरूरत है।
बिजली सुधार पर चल रहा काम
हालांकि बिजली निगम ने फॉल्ट की शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए कर्मचारियों को सतर्क कर रखा है। ओवरलोड वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां बिजली ढांचे को मजबूत करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। शहर में केंद्रीय विद्युत संवर्धन योजना के तहत 50 करोड़ के बजट पर काम चल रहा है।
इसके तहत 80 व 100 एमएम क्षमता के तार लगाए जा रहे हैं। निगम का लक्ष्य लाइन लॉस को और कम करने के साथ शहर के सभी उपभोक्ताओं को बेहतर, सुरक्षित और नियमित बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाना है।
वर्सन:
शहर का लाइन लॉस कम करने के साथ-साथ निगम उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। शहर में पुराने तार नहीं बचेंगे। जरूरत के अनुसार नए पोल व ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं।
-आशीष सोढ़ी, एसडीओ, बिजली निगम।