संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। घर में मृत मिले 75 वर्षीय संतलाल पेशे से दंत चिकित्सक थे। उन्होंने करीब 20 साल तक शहर के रेलवे रोड पर दंत क्लीनिक चलाई। अपनों को खोने के दर्द से वह टूट गए थे। वह घर पर अकेले ही रहते थे।
अकेलेपन ने उनकी पीड़ा और बढ़ा दी थी। संतलाल पत्नी की मौत व बेटे के लापता होने के बाद घर से कम ही बाहर निकलते थे। उनका शव घर के अंदर सीमेंट से बनी पानी की टंकी के नीचे मिला। अंतिम समय में उनको चारपाई भी नसीब नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, उनकी मौत करीब तीन दिन पहले हुई थी।
शव सड़ने गया था। शुक्रवार सुबह बदबू आने पर पड़ोस के लोगों को पता चला। संतलाल की मौत में तन्हाई का अहम हाथ रहा। जांच अधिकारी एएसआई बिजेंद्र, दादरी शहर पुलिस थाना ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारण का पता चलेगा।
एक कमरे में सिमट कर रह गई जिंदगी : उम्र के अंतिम पड़ाव में आकर संतलाल अकेले पड़ गए थे। क्षतिग्रस्त चार कमरों के मकान में रेंग-रेंग कर इधर से उधर जाते थे। करीब आठ साल पहले उनकी पत्नी की मौत हो गई थी तो करीब तीन साल पहले मानसिक रूप से परेशान इकलौता बेटा भी लापता हो गया था। इसके बाद पुत्रवधू भी अपने मायके लौट गई थी। संतलाल की जिंदगी एक कमरे में ही सिमट कर रह गई थी।