चरखी दादरी। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। इसके बावजूद हजारों घरों में मच्छरों का लारवा मिलने से चिंता बढ़ गई है। विभाग की 110 टीमों ने करीब 15 लाख घरों की जांच की है।
जांच के दौरान 4,333 घरों में डेंगू मच्छर का लारवा पाया गया। लारवा मिलने के बाद केवल 317 घरों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह आंकड़ा लारवा मिले घरों की संख्या के मुकाबले काफी कम है। यह करीब 7.3 फीसदी घरों को ही नोटिस दिए जाने को दर्शाता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वर्ष 17 सितंबर तक 17 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 25 मरीज मिले थे। इस लिहाज से इस साल मरीजों की संख्या पिछले साल के मुकाबले कम है।
अभियान और जांच के आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए 85 एमपीएचडब्ल्यू और 25 डीबीसी सहित कुल 110 टीमें तैनात की हैं। इन टीमों ने वीरवार तक 14,86,900 घरों का निरीक्षण किया है। टीमों ने घर-घर पहुंचकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और पुराने बर्तनों की जांच की है। जहां भी पानी जमा होने के कारण मच्छरों के पनपने की संभावना मिली, लोगों को जागरूक किया गया। विभाग का लक्ष्य डेंगू व मलेरिया बुखार को समय रहते काबू करना है।
संदिग्ध मरीजों की स्थिति और अपील
विभाग ने अब तक 1,770 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की है। इनमें से 17 लोगों में डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि पिछले लंबे समय से डेंगू व मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। अधिकारी लोगों से घरों में पानी जमा न होने देने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। इसलिए घरों में नियमित सफाई जरूरी है।
वर्सन:
विभाग की टीमें लगातार घरों में पहुंच लारवा की जांच कर रही है। लारवा मिलने पर परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठा डेंगू संबंधी बुखार के बारे में जागरूक किया जा रहा है। फिलहाल जिले में पिछले साल की अपेक्षा कम ही मामले सामने आए है। डॉ. राहुल अरोड़ा, उप सिविल सर्जन एवं प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग।