चरखी दादरी। दो साल से अधिक समय बीतने पर भी सीवर और पेयजल समस्याओं का समाधान न होने पर दो वार्डों के लोगों ने लामबंद होकर कड़ा फैसला लिया है। वार्ड-दो और छह के लोगों ने रविवार को अग्रसेना सेवा सदन में आयोजित विचार गोष्ठी में फैसला लिया कि वे हर रविवार मटका फोड़कर और मुख्यमंत्री एवं जनस्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंककर प्रदर्शन करेंगे। विचार गोष्ठी में समस्याओं का निराकरण करवाने के लिए किसी अधिकारी के पास न जाने का निर्णय भी सर्वसम्मति से लिया गया। गोष्ठी के बाद महिलाओं ने अपने एलान के मुताबिक खाली मटके फोड़कर प्रदर्शन किया और इसके बाद मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।
रविवार सुबह दस बजे गांधी नगर के अग्रसेन सेवा केंद्र में नाकारा जनस्वास्थ्य विभाग और लाचार जनता शीर्षक से विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता वार्ड दो के निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता और वार्ड छह के निवर्तमान पार्षद एवं नगर व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने की। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर, डीसी, विधायक और मुख्यमंत्री तक पर तंज कसे। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग तो डीसी के काबू में भी नहीं आ रहा। इसकी बानगी सभी के सामने हैं।
उन्होंने कहा कि अब समय अधिकारियों से गुहार लगाने का नहीं, बल्कि निर्णायक संघर्ष का है। महेश गुप्ता ने बताया कि सीवर और पेयजल समस्याओं का समाधान अधिकारी नहीं कर रहे हैं। नगर के पार्षद और शहरवासी नीचे लेकर ऊपर तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। विचार गोष्ठी में दोनों वार्ड के अन्य गणमान्य लोगों ने भी विचार रखे और इसके बाद सर्वसम्मति से हर रविवार को खाली मटके फोड़ने और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का निर्णय लिया गया। दोपहर 12 बजे विचार गोष्ठी संपन्न हुई और इसके तत्काल बाद वार्डवासियों ने अपने एलान के मुताबिक प्रदर्शन की शुरुआत कर दी। अब अगले रविवार को गांधी नगर के सभी लोग लामबंद होकर प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।
घर के बाहर भरा दूषित पानी, अंदर भी हालात ऐसे ही
वार्ड की महिलाओं ने कहा कि पिछले दो साल से उनका घरों के अंदर रहना और बाहर बैठना दूभर बना हुआ है। इन महिलाओं ने पीड़ा बयां करते हुए कहा कि घर के बाहर बैठते हैं तो सीवर का दूषित पानी भरा है और घर के अंदर होते हैं तो सप्लाई में भी सीवर का दूषित और बदबूदार पानी घरों में पहुंच रहा है।
गोष्ठी में दस वक्ताओं ने रखे विचार
करीब डेढ़ घंटे तक चली विचार गोष्ठी में दोनों वार्डों के 40 लोगों ने भाग लिया। इनमें से 10 वक्ताओं ने अपने विचार रखे और समस्याओं के समाधान के लिए कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया। इनमें दो महिला वक्ताएं भी शामिल रहीं।
पेयजल भंडारण क्षमता कम, पूरे शहर में पानी की किल्लत
शहर में दो जलघर हैं, जिनकी क्षमता आबादी के अनुरूप नहीं है। दो बड़े टैंक बनवाने की योजना ठंडे बस्ते में है। इस समय वार्ड दो और छह ही नहीं, बल्कि शहर के 21 में से ज्यादातर वार्डों में पेयजल किल्लत बनी हुई है। पूरे शहर में विभाग एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करता है जबकि नियमानुसार प्रतिदिन आपूर्ति की जानी चाहिए। इस समय शहर के वार्ड एक, तीन, चार, पांच, सात, आठ, 12, 14, 19, 20 और 21 में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। इन वार्डों में से किसी में दूषित पानी की तो किसी में लो-प्रेशर आपूर्ति की समस्या बनी हुई है।
- विचार गोष्ठी में शहर की इन समस्याओं पर भी हुआ मंथन
- 21 वार्डों की आबादी के अनुरूप विभाग पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाए।
- शहर के सीवर सिस्टम को अपग्रेड किया जाए और दोनों एसटीपी चालू हों।
- धंसे और क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल के ढक्कन बदले जाएं।
- शहर में 40 सान पुरानी सीमेंटिड लाइनों को जल्द से जल्द बदला जाए।
पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए हम प्रयासरत है। पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने का प्रपोजल हम तैयार कर हेड ऑफिस भेज चुके हैं। अब नहरों में पानी आ गया है और टैंकों को भरा जा रहा है। लोगों को अब पेयजल संकट से निजात मिल जाएगी।
सतमेंद्र, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग