चरखी दादरी/बाढड़ा। हुई निवासी देवर-भाभी पर शुक्रवार शाम हुए जानलेवा हमले का कारण पुलिस के सामने आ चुका है। दरअसल, उन पर यह हमला 15 साल पहले काकड़ौली हुक्मी में स्थित शराब ठेका पर हुई हत्या की रंजिश में किया गया है। बाढड़ा थाना पुलिस ने घायल महेश के बयान पर तीन नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत हत्या प्रयास और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दिए बयान में गांव हुई निवासी महेश उर्फ टीटा ने बताया कि वर्ष 2008 में काकड़ौली हुक्मी ठेका पर गांव हुई निवासी प्रताप की गोली मारकर हत्या की गई थी। उस मामले में उसे, रमेश और सत्यव्रत उर्फ मुन्ना को 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। वो इस मामले में सजायाफ्ता है और चंडीगढ़ हाईकोर्ट से जमानत पर है।
महेश उर्फ टीटा ने बताया कि शुक्रवार को वो अपनी भाभी रोशनी को दवा दिलाने के स्कूटी पर बाढड़ा गया था। जब वो जेवली कच्चे रास्ते के समीप पहुंचे तो बाइक पर सवार होकर पहुंचे संदीप पुत्र हरबीर और संदीप पुत्र अनिल ने उनकी स्कूटी के सामने बाइक अड़ा दी। उसी दौरान पीछे से हुई निवासी सचिन दूसरी बाइक पर सवार होकर अपने साथी के साथ वहां आया और आते ही उन्होंने हमला कर दिया।
- पहले कुल्हाड़ी से किए वार, फिर मारी गोली
महेश उर्फ टीटा ने बताया कि सचिन के पहुंचते ही चारों ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बचाव में कुल्हाड़ी उसके हाथ पर भी लगी। उसकी भाभी रोशनी बीच-बचाव करने लगी तो आरोपियों ने उस पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिए। इसके बाद उन्होंने महेश पर फायर कर दिया और गोली पेट के नीचे दाहिने तरफ लगी।
- लोगों को एकत्र होता देख हुए फरार
पुलिस बयान में महेश ने बताया कि हमलावरों के कुल्हाड़ी से वार करने और फिर गोली मारने के चलते मौके पर लोग एकत्र होने लगे। इसके बाद चारों आरोपी दोनों बाइकों पर सवार होकर वहां से फरार हो गए। महेश ने बताया कि प्रताप की हत्या के चलते सचिन उससे रंजिश रखता है और यह हमला उसी रंजिश में किया गया है।
गांव हुई निवासी घायल महेश के बयान दर्ज कर लिए गए है। उसके बयान पर संदीप पुत्र हरबीर, संदीप पुत्र अनिल, सचिन पुत्र विनोद व एक अन्य के खिलाफ सशस्त्र अधिनियम समेत धारा 323, 341, 307, 506 व 34 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
-जगजीत सिंह, एएसआई, बाढड़ा थाना