संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के झोझूकलां और गोपी सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में नई डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित किए ढाई माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधा शुरू नहीं हुई है। यहां एक्स-रे सुविधा शुरू करने के लिए डार्क रूम की दरकार है और स्थानीय अधिकारी अब तक इसकी व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। इसके चलते बाढड़ा क्षेत्र के मरीजों को 40 से 45 किलोमीटर की और झोझूकलां क्षेत्र के लोगों को 15 से 20 किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने गोपी और झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नववर्ष से एक्स-रे सुविधा शुरू करने का दावा किया था। दावा से ढाई माह ज्यादा बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। दोनों सीएचसी पर एक्स-रे मशीन तो स्थापित की जा चुकी हैं, लेकिन इनकी सुविधा डार्करूम तैयार होने के बाद ही मरीजों को मिल सकेगी। अगर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग गोपी और झोझूकलां समेत बौंदकलां में एक्स-रे सुविधा शुरू कर देता है तो सीधे तौर पर तीन लाख लोगों को फायदा होगा।
नवंबर में पहुंची थी एक्स-रे मशीन, दिसंबर में हुई इंस्टॉल
नवंबर ही झोझूकलां और गोपी सीएचसी के लिए एक्स-रे मशीन पहुंच गई थी। दो मशीनों को गोपी और झोझूकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कक्ष में विभाग स्थापित करवा चुका है। ये मशीन बिना सीआर सिस्टम की हैं और इसके चलते इनसे एक्स-रे सुविधा शुरू करने से पहले विभाग को डार्क रूम बनाना होगा। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने इस संबंध में दोनों सीएचसी के एसएमओ को डेढ़ माह पहले ही निर्देश दे दिए थे।
सिविल अस्पताल में कम होगा कार्यभार, जल्दी आएगा मरीजों का नंबर
जिले में सिविल अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 12 पीएचसी समेत 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से केवल सिविल अस्पताल में एक्स-रे सुविधा शुरू है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज पूर्णतया सिविल अस्पताल पर निर्भर हैं। ऐसे में यहां ज्यादा कार्यभार रहता है। प्रतिदिन करीब 150 से अधिक एक्स-रे सिविल अस्पताल में होते हैं और दो सीएचसी में ये सुविधा शुरू होने के बाद यहां का कार्यभार कम होगा।
झोझूकलां व गोपी सीएचसी में एक्स-रे सुविधा शुरू करने के लिए डार्करूम तैयार होने है। दोनों एसएमओ को जल्द से जल्द डार्करूम तैयार करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। हमारा प्रयास है कि जल्द ही दोनों सीएचसी में ये सुविधा शुरू कर दी जाए और इसके लिए सीआर सिस्टम की मांग भी कर ली है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी