- सरकार ने चार जिलों को किया समायोजित, किसानों को मिलेगा एमएसपी पर लाभकारी मूल्य
- पलवल, नूंह, झज्जर और गुरुग्राम जिले के किसान भी ले सकेंगे लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बाजार में लगातार गिरते कपास के भाव से परेशान किसानों की मांग के बाद सरकार ने केंद्र सरकार के उपक्रम कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के माध्यम से सरकारी स्तर पर कपास खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदेश सरकार ने चरखी दादरी अनाज मंडी को कपास खरीद का मुख्य केंद्र घोषित किया है। यहां से पलवल, नूंह, झज्जर और गुरुग्राम जिलों के किसान भी आकर अपने प्रमाणित कपास की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर सकेंगे।
फिलहाल, मंडियों में कपास की औसत बिक्री दर 7500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रही है जबकि सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 8110 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
सीसीआई की ओर से दादरी मंडी को कपास खरीद केंद्र बनाए जाने के बाद यहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका कपास निर्धारित मानकों पर खरी उतरे, तभी वे सरकारी खरीद का लाभ ले सकेंगे।
हाल के दिनों में भारी बारिश और मंडियों में मंदी के कारण कपास के दाम लगातार गिरते जा रहे थे। इससे किसानों में भारी असंतोष था और वे लंबे समय से सरकारी हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे। सरकार के इस निर्णय से कपास उत्पादकों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी बल्कि फसल के मूल्य को लेकर विश्वास भी बढ़ेगा। अब किसानों को एमएसपी के अनुसार वाजिब दाम मिल सकेंगे, जिससे उनका हित सुरक्षित होगा।
नियम के अनुसार 8 फीसदी नमी पर ही मिलेगा एमएसपी
सीसीआई के नियमों के अनुसार कपास की नमी आठ फीसदी तक ही पूर्ण एमएसपी मिलेगा। इसके अलावा, नमी की मात्रा अधिक पाए जाने पर कीमत में भी कमी आएगी। एजेंसी किसान को पूरा भुगतान नियमाें पर खरा उतरने वाले कपास पर ही देगी।
किसानों को होगा फायदा
जिले के किसानों ने लगभग 30 एकड़ जमीन पर कपास बिजाई का पंजीकरण करवाया हुआ है। मंडी में किसान अपनी कपास की फसल को 7500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचते थे। अब सीसीआई आठ प्रतिशत तक नमी वाले कपास पर 8110 रुपये और इससे ज्यादा की भी कीमत देगी अगर फसल साफ है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल 610 रुपये तक फायदा होगा।
पांच कॉटन मिलों में क्षमता अनुसार भेजा जाएगा कपास
फिलहाल, जिले में पांच कॉटन मिल हैं। मार्केट कमेटी के सचिव के अनुसार, सीसीआई कपास को कताई के लिए नियम के अनुसार मिलों में भेजेगा। जहां उनकी कताई करवाने के बाद एजेंसी के गोदाम में रुई पहुंचाई जाएगी।
वर्सन:
अगले सप्ताह से दादरी अनाज मंडी में सीसीआई कपास की खरीद शुरू कर सकता है। एजेंसी ने चार अन्य जिलों को भी मंडी से जोड़ दिया है। अब दादरी समेत पांच जिलों के किसान कपास की फसल को सरकारी भाव पर बेच सकेंगे।
-विजय कुमार, सचिव मार्केट कमेटी।
फोटो 37: अनाज मंडी परिसर में रखीं कपास की ढेरियां। संवाद