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Charkhi Dadri News: मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल पंजीकरण में जिला प्रथम पायदान पर

Mon, 10 Feb 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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54 हजार 132 किसानों ने पंजीकरण करवाया, पंजीकृत रकबा दो लाख 46 हजार 94 एकड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का विवरण पंजीकृत करवाने में चरखी दादरी के किसान 92 प्रतिशत के साथ लगातार दूसरे साल भी प्रदेश में नंबर एक पर हैं। जिले में 54 हजार 132 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। इन किसानों का पंजीकृत रकबा दो लाख 46 हजार 94 एकड़ है। सन 2023-24 में 2,46,167 एकड़ फसल पोर्टल पर पंजीकृत हुई थी। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा दो लाख 73 हजार 81 एकड़ है। सरकार 28 मार्च से सरकारी खरीद शुरू करेगी। जो किसान पोर्टल पर पंजीकरण करवाते हैं, उनकी ही फसल खरीदी जाती है। इस बार भी सरकारी खरीद की जानी है। जिले में मौजूदा रबी फसल सीजन मेंं किसानों ने सरसों, गेहूं, जौ, मेथी, बरसीम, गन्ना, चना व सब्जियों की बिजाई कर रखी है।
सबसे ज्यादा रकबा सरसों का एक लाख 50 हजार हजार एकड़ है। जौ का एरिया भी करीब 1300 हजार एकड़ है। गन्ने की करीब एक हजार एकड़ में बिजाई कर रखी है। सब्जी, फूलों की खेती व बागवानी का भी एरिया है। सरसों का बिजित रकबा पिछले पांच सालों से बढ़ा है। कारण यह कि सरसों का भाव बढि़या होने की वजह से किसानों का इस फसल के प्रति रुझान बढ़ गया है।
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सरसों में प्रति एकड़ लागत खर्च भी कम आता है। सरसों में एक या दो सिंचाई से काम चल जाता है। गेहूं में चार से पांच सिंचाई करनी पड़ती है। किसान को 24 घंटे खेत की लावारिस पशुओं से रखवाली करनी पड़ती है।
सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हर साल सरसों व गेहूं की सरकारी खरीद करती है। किसान ऑयल मिल व अन्य प्रतिष्ठानों में खुले बाजार मेें भी सरसों की बिक्री कर देते हैं। इस बार भी सरसों की पैदावार बंपर होने का अनुमान है। जमीन का पूरा डाटा पोर्टल पर फैमिली आईडी से जोड़ रखा है। जिन किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है, उनकी जिंंस ही खरीदी जाएगी।
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वर्जन
जिला फसल पंजीकरण में प्रदेश में नंबर एक पर है। अब तक 54 हजार 131 किसान पोर्टल पर फसल का विवरण दर्ज कर चुके हैं। किसानों में कुछ सालों से जागरूकता बढ़ी है। किसानों को सारी सेवाएं ऑनलाइन मिल रही हैं।
-विनय कुमार, आंकड़ा विशेषज्ञ, कृषि विभाग
फोटो- 08 खेत में खड़ी सरसों की फसल।
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