चरखी दादरी। दादरी रोडवेज डिपो में बसों की भारी कमी का खामियाजा रोजाना हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। नियमानुसार 177 बसों की आवश्यकता वाले डिपो में फिलहाल केवल 123 बसें ही उपलब्ध हैं। इनमें 108 रोडवेज की और 15 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित हो रही बसें शामिल हैं। यानी डिपो में 54 बसों की कमी बनी हुई है। बसों की संख्या कम होने से कई रूटों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग जान जोखिम में डालकर बसों के पायदान पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं।
हर रोज 35 हजार यात्री करते हैं सफर
दादरी बस स्टैंड से प्रतिदिन 35 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। शहर के बीचोंबीच करीब 24 कनाल 10 मरला भूमि पर बना बस स्टैंड अब बढ़ते यात्रियों के सामने छोटा पड़ने लगा है। बस स्टैंड परिसर में पर्याप्त बूथ न होने से कई बसें इधर-उधर खड़ी करनी पड़ती हैं जिससे यात्रियों को अपनी बस ढूंढने में परेशानी होती है। भीड़भाड़ के समय अव्यवस्था और अधिक बढ़ जाती है।
घंटों इंतजार में खड़े रहते हैं यात्री
बसों की कमी का सीधा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ रहा है। पर्याप्त बसें उपलब्ध न होने से कई रूटों पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। बस आते ही सीटों के लिए अफरा-तफरी मच जाती है और बस पूरी तरह भर जाने के बाद भी लोग मजबूरी में पायदान पर लटक कर सफर करते हैं। इससे दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना रहता है।
निजी बस संचालकों की मनमानी
बसों की कमी का लाभ निजी और सोसायटी बस संचालकों को मिल रहा है। वर्तमान में रोहतक, झज्जर, नारनौल और भिवानी समेत विभिन्न रूटों पर जमींदारा सोसायटी की 63 बसें संचालित हो रही हैं। रोडवेज की बसें पर्याप्त न होने से बड़ी संख्या में यात्री इन बसों का सहारा लेने को मजबूर हैं। यदि विभाग के पास नियमानुसार बसें उपलब्ध हों तो यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ परिवहन विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
बस स्टैंड परिसर छोटा
बस स्टैंड का स्थान भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है। मुख्य बाजार रोड पर स्थित बस स्टैंड में बसों के लगातार प्रवेश और निकास से सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इससे वाहन चालकों, राहगीरों और व्यापारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब स्कूल खुल चुके हैं और जल्द ही कॉलेजों में भी कक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी। यदि समय रहते बसों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो परिवहन व्यवस्था पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा और यात्रियों की परेशानियां भी कई गुना बढ़ सकती हैं।
वर्सन:
बस स्टैंड स्थानांतरण के लिए मुख्यालय को अवगत करवाया हुआ है। मुख्यालय से पहुंची टीम ने शहर से सटे दो जगहों का निरीक्षण भी किया गया है लेकिन सुझाया गया स्थान यात्रियों की सुविधा के अनुकूल न होने से रद्द कर दिया गया था। वहीं सरकार की ओर से बसें खरीदने के बाद दादरी डिपो को भी आवंटित होने की संभावना है।- नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।