पुलिस ने अविलंब मामला दर्ज कर पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए थे। इसके बाद जांच इकाई ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
रिश्ते में पोती लगने वाली नाबालिग से दुराचार करने के दोषी को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है और जुर्माना न भरने पर उसे 5 माह की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी। दादरी जिला एवं सत्र न्यायधीश नरेश कुमार की कोर्ट ने उसके अपराध को संगीन माना और नरमी बरतने से इंकार करते हुए यह सजा सुनाई।
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दादरी पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि दादरी महिला थाने में वर्ष 2023 में पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसका चाचा उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर खेत में ले गया और वहां उसके साथ दुराचार किया।
पुलिस ने अविलंब मामला दर्ज कर पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए थे। इसके बाद जांच इकाई ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। 2 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायधीश नरेश कुमार ने दोषी को बीस साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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अधिकारी के अनुसार
सभी थाना व चौकी प्रबंधकों समेत अनुसंधानकर्ताओं को महिला विरूद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई और कोर्ट में मजबूत पैरवी कर दोषी को सजा दिलाने के निर्देश दिए हुए है। इस मामले में पुलिस ने मजबूत पैरवी कर दोषी को कोर्ट से सजा दिलाई है। -अर्श वर्मा, एसपी, चरखी दादरी।