चरखी दादरी। गांव कलाली में कुएं से पाइप निकालने उतरे ताऊ और भतीजे की गैस के प्रभाव से मौत हो गई जबकि युवक के पिता को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। सूचना मिलने पर झोझूकलां चौकी ने शवों को कब्जे में लेकर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। परिजनों ने प्रशासन के पास बचाव संबंधी उपकरण न होने पर नाराजगी जाहिर की और सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है। कुएं में सबसे पहले युवक का पिता उतरा था। उसके बाहर नहीं निकलने पर बेटा कुएं में उतरा। इसके बाद ताऊ मदद के लिए कुंए में उतरा था। पड़ोस में काम कर रहे लोगों ने इसकी जानकारी दमकल और स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने प्रयास से तीनों को कुएं से बाहर निकाला।
जानकारी अनुसार कलाली के पूर्व सरपंच बलवान सिंह के खेत में एक कुआं है। यह कुआं करीब 40 साल पुराना और 70 फीट गहरा है। कुआं तीन साल से बंद है। वीरवार सुबह बलवान सिंह, बेटा सुमित और बड़ा भाई जौहरी खेती के काम से घर से खेत में गए थे। सुबह करीब 11 बजे बलवान सिंह पाइप निकालने के लिए कुएं में उतरा। जब पांच मिनट तक बलवान सिंह ने कुएं के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उसका बेटा सुमित उसे देखने के लिए रस्सी के सहारे नीचे उतरा। बताया जा रहा है कि सुमित ने कुएं में उतरने के बाद करीब दस मिनट तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो जौहरी भी कुएं में उतर गया। जाने से पहले जौहरी ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मामले की सूचना पहले दमकल विभाग और फिर स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलने के करीब आधा घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अमले के पास सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं थे। इस कारण प्रशासनिक टीमें मूक-दर्शक बनी रही। दोपहर करीब दो बजे ग्रामीणों ने तीनों को अपने स्तर पर ही प्रयास कर कुएं से बाहर निकाला और तुरंत उन्हें दादरी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने जौहरी और उसके भतीजे सुमित को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बलवान सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल से रेफर कर दिया। वहीं, झोझूकलां चौकी पुलिस भी सिविल अस्पताल पहुंची और मृतकों के परिजन जयकिशन के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। वहीं, नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण जहरीली गैस से दम घुटना बताया गया है।
10 जुलाई को होनी थी सुमित की शादी
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों और कलाली के ग्रामीणों ने बताया कि बलवान सिंह पिछली योजना में गांव के सरपंच थे। उनके दो बेटे थे। सुमित बड़ा था। परिजनों ने बताया कि दस जुलाई को सुमित और उसके छोटे भाई की शादी होनी तय थी। घर में शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थी। वीरवार को इस मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
प्रत्यक्षदर्शी बोले : प्रशासन के पास बचाव उपकरण होते तो बच सकती थी जान
- मैं बलवान के खेत के समीप चिनाई का काम कर रहा था। बलवान और सुमित के कुएं में उतरने के करीब दस मिनट बाद मैं मौके पर पहुंचा। मैंने पहले दमकल विभाग और फिर स्वास्थ्य विभाग को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची लेकिन सुरक्षा उपकरण (मास्क, ऑक्सीजन सिलिंडर और गोताखोर) न होने के चलते टीम मूक दर्शक बनी रही। समुंद्र सिंह
- मैं घटना के करीब 15 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच गया था। मेरे सामने ही स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची थी। टीम के पास न तो मास्क था और न ही ऑक्सीजन सिलिंडर। गोताखोर भी मौके पर नहीं बुलाए गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही तीनों को बाहर निकाला। सुरक्षा उपकरण होते तो दो जान बचाई जा सकती थी। सुरक्षा उपकरणों की कमी मौके पर बेहद खली। जयप्रकाश
कलाली निवासी सुमित और जौहरीलाल की मौत हुई है जबकि बलवान सिंह को भी रेफर किया गया है। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पुलिस कागजी प्रक्रिया में जुटी है। प्रकाशचंद, एसआई, झोझूकलां चौकी
एसडीएम साहब को हादसे की सूचना मिली थी। उन्होंने मुझे मौके पर भेजा था। मेरे मौके पर पहुंचने से पहले ही ग्रामीण तीनों को सिविल अस्पताल ले आए। वहां दो को मृत घोषित कर दिया गया जबकि तीसरे को रेफर किया गया है। राजकुमार शर्मा, नायब तहसीलदार, चरखी दादरी