चरखी दादरी/बाढड़ा। घर में सो रहे परिवार के कूलर में बेहोशी की दवा डालकर चोर 20 हजार की नकदी समेत सोने और चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए। चोरों ने डांडमा निवासी बीएसएफ से रिटायर्ड एएसआई के घर को मंगलवार रात बनाया था निशाना। मंगलवार सुबह जब परिवार उठा तो वारदात का पता चला। इसके बाद मामले की सूचना कंट्रोल रूम और बाढड़ा थाने को दी गई। पीड़ित का कहना है कि चोरी की इस वारदात में दो लाख की चपत लगी है। वहीं, बाढड़ा पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी मिल गई है, जल्द घटनास्थल का मुआयना किया जाएगा।
डांडमा निवासी बलबीर चौपड़ा ने बताया कि वे बीएसएफ से एएसआई रिटायर्ड हैं। सोमवार की रात वे अपनी पत्नी बाला देवी, बेटी पूजा और दोहते अंकुश के साथ आंगन में कूलर लगाकर सो रहे थे। रात को चोर उनके घर में दाखिल हुए और कमरे में रखी अलमारी के ताले तोड़कर गहने और नगदी चोरी कर ले गए। पीड़ित ने बताया कि चोरों ने बेड भी इत्मिनान से खंगाला लेकिन इसमें कुछ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि चोर कमरे की कुंडी खोलकर अंदर दाखिल हुए। अलमारी के मेन ताले तोड़ डाला और इसके बाद लॉकर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित ने बताया कि सुबह करीब छह बजे वे उठे तो उन्हें वारदात का पता चला। बलबीर चौहान ने बताया कि मंगलवार को उनकी देर से आंख खुली। उन्हें संदेह है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले कूलर में बेहोशी की दवा डाली गई थी। इस कारण परिवार के चारों सदस्य अचेत हो गए।
उन्होंने बताया कि सुबह उठने पर जब वे कमरे में पहुंचे तो अलमारी के दरवाजे खुले मिले और सामान अस्त-व्यस्त मिला। इस पर उन्हें अनहोनी का अंदेशा हुआ और उनकी पत्नी भी कमरे में पहुंच गई। पीड़ित ने बताया कि अलमारी में रखी नकदी और गहने तो चोरी मिले। अलमारी में 15 हजार की नकदी, ग्यारह-ग्यारह सौ रुपये की चार माला चोर ले गए। इसके अलावा सोने की चेन, सोने की हसली, सोने की अंगुठी, आठ सोने की लौंग, सोने के कानों के आभूषण, चार जोड़ी पाजेब, हथफुल, चुटकी, हाथ की घड़ी, प्लॉट की रजिस्टरी, बैंक चेकबुक व चांदी के सिक्के चोरी कर ले गए। पीड़ित ने बताया कि चोरी के सामान का आकलन करने के बाद उन्होंने सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी।
घर में यूं दाखिल हुए चोर
पूर्व बीएसएफ एएसआई बलबीर चौहान ने बताया कि वे आंगन में सो रहे थे। चोर गली से पहले उनकी बैठक की छत पर चढ़े। इसके बाद सीढ़ियों से नीचे आ गए। पीड़ित ने अंदेशा जताया कि पहले चोरों ने कूलर में बेहोशी की दवा डाली और इसके बाद कमरे में दाखिल हुए। पीड़ित का कहना है कि चोरी करने के बाद आरोपी इसी रास्ते फरार हो गए।
एक्सपर्ट व्यू : क्लोरोफोम का किया जाता है ऐसी वारदातों में प्रयोग
सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि ऐसी वारदातों में क्लोरोफॉर्म का प्रयोग किया जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति बेहोश हो जाता है। उन्होंने बताया कि इसका प्रभाव शरीर पर कुछ घंटों के लिए होता है और असर खत्म होने के बाद व्यक्ति होश में आ जाता है। उन्होंने बताया कि होश में आने के बाद इसके साइड इफैक्ट नहीं होते। मुख्यत: क्लोरोफॉर्म का प्रयोग ऑपरेशन थिएटर में किया जाता है।
जिले से बाहर के हो सकते हैं चोर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो क्लोरोफॉर्म का प्रयोग ऑपरेशन थिएटर में होता है। यह आसानी से उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने बताया कि दादरी जिले में किसी भी निजी अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि वारदात में प्रयोग किया गया क्लोरोफॉर्म जिले के बाहर से लाए हों। वहीं, चोर गिरोह के तार दूसरे जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
मामले की सूचना हमें मिल चुकी है। अभी मौके का मुआयना नहीं किया गया है। जल्द ही टीम डांडमा मामले की जांच के लिए भेजी जाएगी और इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - रामौतार, बाढड़ा थाना प्रभारी