भिवानी। गांव मिताथल निवासी एक विवाहिता को उसके ससुराल वालों ने मारपीट कर उस अवस्था में घर से बाहर निकाल दिया, जिस अवस्था में उसे सबसे अधिक देखभाल की जरूरत थी। ससुराल से निकाले जाने के बाद गर्भवती महिला ने मायके में ही बेटी को जन्म दिया। मगर इस पर भी उसकी सुध लेने कोई नहीं आया। इस मामले में विवाहिता ने मामले की शिकायत सदर पुलिस को दी, जिस पर पति सहित सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज हुआ।
गांव मिताथल निवासी 28 वर्षीय पूनम ने बताया कि उसकी शादी 10 मार्च 2012 को झोझूकलां निवासी जयवीर के साथ हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि गत 11 मई को अपने बड़े बेटे से मिलने अपनी ससुराल झोझूकलां गई थी। लेकिन उस समय उसके ससुराल वालों ने उसके साथ आठ माह की गर्भवती होने के बावजूद मारपीट की और उसे धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया था। उस समय उसे पेट में गंभीर चोटें आई थी, जिस पर पेट में उसके बच्चे पर भी खतरा बढ़ गया था। उस समय भी उसने पुलिस को बयान दिए थे, मगर पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। अब उसने मायके में बेटी को जन्म दिया है। बेटी को पैदा हुए 15 दिन हो चुके हैं, मगर उसकी सुध लेने या उसे खर्च देने ससुराल से कोई नहीं आया है। इस मामले की शिकायत उसने सदर पुलिस को दी है। गुजरानी पुलिस चौकी प्रभारी विद्याधर ने बताया कि विवाहिता पूनम की शिकायत पर उसके पति झोझूकलां निवासी जयवीर व सास सुदेश के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।