सरूपगढ़ गांव निवासी एक सैनिक ने शनिवार दोपहर अपने घर पर लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली उसकी कनपटी के पास लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस और इमलोटा चौकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें सैनिक ने इस कदम के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार परिजनों का कहना है कि मृतक सैनिक अपनी पत्नी की मौत के बाद से तनाव में था।
जानकारी के अनुसार सरूपगढ़ निवासी सतीश (38) सेना में हवलदार था। उसकी पोस्टिंग हरिद्वार के समीप राजौरी में थी। गत 29 जून को वह छुट्टी लेकर अपने गांव आया था। शनिवार दोपहर को वह घर पर था। दोपहर करीब एक बजे उसने अपने पिता से साफ करने के लिए अपनी लाइसेंसी पिस्टल मांगी और सीढ़ियों में जाकर कनपटी पर पिस्टल रखकर खुद को गोली मार ली।
बताया जा रहा है कि सतीश ने अपने पिता धर्मबीर से पिस्टल लेने के बाद एक गोली भी मांगी और कुछ देर बाद ही धर्मबीर को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। धर्मबीर जब सीढ़ियों के पास पहुंचा तो वहां उसका बेटा सतीश लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। इसके तुरंत बाद मामले की जानकारी इमलोटा पुलिस चौकी में दी गई।
सुसाइड की खबर मिलते ही इमलोटा चौकी के अलावा सदर थाने की टीम भी सरूपगढ़ पहुंची। कुछ देर बाद ही सीआईए और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल की जांच करने पर पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें सतीश ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। रविवार सुबह मृतक का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
पहले मां का तो अब पिता का साया उठा सिर से
सिविल अस्पताल में मौजूद मृतक के पिता धर्मबीर सिंह ने करीब डेढ़ साल पहले सतीश की पोस्टिंग बरेली थी और वह अपनी पत्नी को भी साथ लेकर गया था। वहां एक हादसे में उसकी पुत्रवधू की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सतीश के इकलौते बेटे के सिर से मां का साया छीन गया था और अब पिता का हाथ भी सिर से उठ गया।
मृतक के दो भाई भी हैं सेना में
मृतक सतीश चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। धर्मबीर सिंह ने बताया कि सतीश के अलावा उसके दो और बेटे भी सेना में हैं। जबकि चौथा बेटा घर पर ही रहता है। धर्मबीर सिंह ने बताया कि सतीश का दस साल का एक बेटा है। घटना के समय वो घर पर ही थे और गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो वहां सतीश लहूलुहान पड़ा मिला।
दो माह बाद होनी थी रिटायरमेंट
मृतक के पिता धर्मबीर सिंह ने बताया कि दो माह बाद सतीश रिटायरमेंट लेने वाला था। इसकी जानकारी पूरे परिवार को थी। रिटायरमेंट से पहले वह छुट्टी लेकर गत 29 जून को ही घर आया था। जिस पिस्टल से सतीश ने खुद को गोली मारी है वो उसी के नाम से थी। वह एक माह की छुट्टी लेकर आया था।
सुसाइड नोट में ये लिखा
मैं सतीश कुमार जो कुछ कर रहा हूं अपनी मर्जी से कर रहा हूं। पता नहीं कौन-सी दैविक शक्ति है जो मुझे जिंदा नहीं रहने देना चाहती। अजीब से डर लगता है और मन सहमा रहता है। मैं जीना चाहता हूं और अपने शरीर से बहुत प्यार करता हूं। मेरी आत्मा शरीर का साथ नहीं दे पा रही। मैंने सारे टेस्ट करवा लिए हैं लेकिन कोई बीमारी नहीं है। मुझे पता है कि मेरे पीछे मेरा बेटा अकेला रह जाएगा, उसके लिए मैं जीना चाहता हूं लेकिन आत्मा ऐसा नहीं चाहती। मेरे मरने के बाद यूनिट के साथी मनोज को सूचित कर देना।
मृतक सतीश एक माह की छुट्टी लेकर आया था। शनिवार दोपहर खुद की 9 एमएम की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है और पोस्टमार्टम रविवार सुबह करवाया जाएगा।
- नरेंद्र दहिया, सदर थाना प्रभारी