सितंबर 2019 में बाढड़ा की तोता की ढाणी में पकड़े गए पेपर सॉल्वर गिरोह के बाद गत 28 नवंबर को नोएडा में एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह आवेदकों की दिल्ली पुलिस की लिखित परीक्षा पास करवा रहा था। इस गिरोह से जुड़े सॉल्वर भी पकड़े गए हैं जो दूसरे की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। चरखी दादरी निवासी दो युवकों को भी नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके नाम दिनेश चौधरी और मुकेश हैं। ऐसे में परीक्षा सॉल्व कराने का 15 माह में दूसरा मामला सामने आया है, जिसके तार चरखी दादरी से जुड़े हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार नोएडा पुलिस को आरोपियों का दादरी में एक कोचिंग सेंटर होने का भी इनपुट मिला है। भर्ती के लिए पेपर सॉल्व करवाने के मामले में दादरी जिले का दूसरी बार नाम उछाला है। 22 सितंबर 2019 को सीआईए टीम ने तोता की ढाणी में गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। वहां से पुलिस ने चार लैपटॉप, मोबाइल, राउटर व रजिस्टर बरामद किए थे। उस दौरान वहां मौजूद आठ लोग सामान छोड़कर फरार हो गए थे। इस संबंध में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। उस गिरोह का सरगना रोहतक में कोचिंग सेंटर चलाता था। जो रजिस्टर बरामद हुए थे उनमें प्रश्नपत्र के अलग-अलग सेट के उत्तर और गिरोह से सांठ-गांठ करने वाले आवेदकों के नंबर थे। उन्हें भी पुलिस ने जांच में शामिल किया है।
अब गत 28 नवंबर को ऐसा ही गिरोह नोएडा में पकड़ा गया है। इनमें दो आरोपी दिल्ली रोड स्थित एक गांव के रहने वाले हैं तो पेपर सॉल्व करते थे। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों ने हाल ही में एक राज उजागर किया है। उन्होंने बताया कि वो हरियाणा में कोचिंग सेंटर चलाते थे और एक कोचिंग सेंटर चरखी दादरी में भी होने की नोएडा पुलिस को सूचना लगी है। सूत्रों के अनुसार नोएडा पुलिस दादरी में इनपुट के आधार पर निगरानी भी रखे हुए है। वहीं, जिला पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने कहा कि फिलहाल नोएडा पुलिस ने संपर्क नहीं किया है।
चरखी दादरी जिला पुलिस से नोएडा पुलिस ने अभी नहीं किया संपर्क
नोएडा पुलिस के जल्द ही कोचिंग सेंटर पर दबिश देने के कयास लगाए जा रहे हैं। जिला पुलिस के सूत्रों के अनुसार पांच दिसंबर की शाम तक नोएडा पुलिस ने जिला पुलिस से इस संबंध में संपर्क नहीं किया है।