शादियों के सीजन में किसान आंदोलन के चलते जिले की रेडीमेड गारमेंट मार्केट का कारोबार 60 प्रतिशत तक प्रभावित है। ज्यादातर दुकानदार दिल्ली से ऑर्डर देकर माल मंगवाते हैं या फिर खुद जाकर लाते हैं। इस समय किसान आंदोलन के चलते पिछले एक सप्ताह से माल नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके चलते कोरोबारी चिंतित हैं। वहीं, किसान आंदोलन का असर क्लॉथ स्टोर मार्केट पर भी थोड़ा पड़ा है। हालांकि क्लॉथ स्टोर संचालक अहमदाबाद, सूरत और लुधियाना से माल मंगवा रहे हैं।
जिले में करीब 350 क्लॉथ स्टोर संचालक हैं। कपड़ा एसोसिएशन प्रधान मनफूल रावलधी ने बताया कि क्लॉथ मार्केट में दिल्ली से कम ही माल पहुंचता है। सर्दियों और शादियों के सीजन में ज्यादातर माल अहमदाबाद, सूरत और लुधियाना से मंगवाया जाता है। दिल्ली से आने वाला माल नहीं पहुंच पा रहा है और इसके कारण क्लॉथ मार्केट का कारोबार इस समय दस प्रतिशत तक प्रभावित है।
वहीं, रेडीमेड गारमेंट स्टोर संचालकों का कहना है कि वे ज्यादातर माल दिल्ली से लाते हैं। पहले हर दूसरे दिन माल की डिलीवरी होती थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। शादियों के सीजन में कारोबार चमकता है और पिछले एक सप्ताह से माल न आने के चलते 60 प्रतिशत तक कारोबार प्रभावित है। इस समय दैनिक बिक्री एक लाख रुपये का आंकड़ा छू लेती थी।
किसान आंदोलन का मार्केट पर पड़ रहा असर: कपड़ा व्यापारी
- दिल्ली से पिछले एक सप्ताह से माल नहीं पहुंचने का असर यकीनन कपड़ा मार्केट के कारोबार पर पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से दस प्रतिशत तक कारोबार प्रभावित हुआ है।
मनफूल रावलधी, रावलधिया क्लॉथ स्टोर
- दिल्ली दिए गए ऑर्डर कवे कंसाइंमेंट की पिछले एक सप्ताह से डिलीवरी नहीं हो रही है। कपड़ा मार्केट पर किसान आंदोलन का थोड़ा बहुत असर है। हमे दूसरी जगहों से माल मंगवा रहे हैं।
सन्नी, प्रकाश फैंसी एंपोरियम
स्टॉक खत्म होने से रेडीमेड गारमेंट मार्केट गुजर रही मंदी के दौर से
- माल के ज्यादातर कंसाइंमेंट हमारे पास दिल्ली से आते हैं। पहले हर दूसरे दिन माल पहुंच जाता था लेकिन बॉर्डर सील होने के चलते पिछले एक सप्ताह से दिल्ली से आने वाले माल की डिलीवरी नहीं हुई है।
हरीश, आलीशान एंपायर
- हम ज्यादातर रेडीमेड गारमेंट दिल्ली से मंगवाते हैं। किसान आंदोलन के चलते माल नहीं पहुंच पा रहा है और शादियों के सीजन में मार्केट का कारोबार 60 प्रतिशत तक प्रभावित है। व्यापारी काफी चिंतित हैं।
पवन, चिनार एंपोरियम