सामाजिक दूरी का ख्याल रखे बिना और बिन मास्क के बस में मौजूद यात्री।
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बस स्टैंड परिसर कोरोना सुरक्षा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा। इस ओर न तो यात्री ध्यान दे रहे हैं न ही रोडवेज अधिकारी। शुक्रवार को अमर उजाला टीम कोरोना से बचाव के प्रबंधों का जायजा लेने बस स्टैंड परिसर पहुंची तो सामने आया कि न तो बस स्टैंड परिसर पर बने बूथों पर बैठे यात्री कोविड नियमों का पालन कर रहे हैं और न ही बसों में गाइडलाइन का पालन हो रहा है।
अमर उजाला टीम सुबह 11 बजे बस स्टैंड परिसर पहुंची। इस समय बस स्टैंड पर 500 से ज्यादा यात्री मौजूद मिले। हालांकि बस स्टैंड परिसर पर हरियाणवी ताऊ की वेशभूषा पहने एक कर्मचारी लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करता मिला, लेकिन बूथों और बसों में स्थिति उल्ट नजर आई। अमर उजाला टीम दस दस मिनट तक दो बूथों पर खड़ी रही। इन दोनों बूथों पर दस मिनट में 24 यात्रियों को सीट नंबर और टिकट दी गई। 11 यात्रियों ने बिना मास्क पहले सीट नंबर लिया और इसके बाद बेरोक-टोक बस में प्रवेश किया। इन्हें मास्क लगाने की हिदायत न तो परिचालक की तरफ से दी गई और न ही बस स्टैंड परिसर पर तैनात कर्मचारियों की तरफ से। दादरी बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री सफर करते हैं जबकि प्रतिदिन करीब 14 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता है।
काउंटर पर 26 को दे रहे टिकट, बस में सवार हो रहे 52 यात्री
अमर उजाला टीम की पड़ताल में सामने आया कि बूथों के काउंटर पर तैनात कर्मचारी बस लगने पर 26 ही यात्रियों को एडवांस टिकट और सीट नंबर दे रहे हैं जबकि बूथ से चलने से पहले बसों में 50 से अधिक यात्री सवार हो जाते हैं। सीट नंबर एक सीट छोड़कर दिया जाता है, लेकिन बस चलने से पहले अन्य यात्री सवार हो जाते हैं।
चालान की कार्रवाई का भी नहीं खौफ
जिला उपायुक्त ने मास्क न पहनने वाले लोगों पर सख्ती करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हुए हैं। ये ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपनी टीम सहित बस स्टैंड परिसर में भी चालान करते हैं। वीरवार को नायब तहसीलदार ने मास्क न लगाने पर 12 यात्रियों के चालान किए थे, लेकिन इसके बाद लोगों में कार्रवाई और कोरोना का खौफ नहीं है।
यात्रियों की संख्या ज्यादा रहने के चलते कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है। फिर भी मैंने सभी कर्मचारियों को यात्रियों से कोविड नियमों का पालन करवाने के आदेश दे दिए हैं। अब यात्रियों को बसों में थर्मल स्क्रीनिंग करवाने के बाद ही एंट्री दी जाएगी।
रविश हुड्डा, जीएम।