संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एक पेड़ मां के नाम 2.0 मुहिम के तहत चरखी दादरी में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 36 मिनट संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी । सीएम ने कहा कि शीर्ष कोर्ट ने भी हमारी तारीफ की, पंजाब को हमसे पराली प्रबंधन सीखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पराली प्रबंधन विषय पर हरियाणा सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं जबकि पंजाब सरकार पर चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व सरकार हर बार यह कहती थी कि पंजाब और हरियाणा के किसान अपनी पराली जलाते हैं, जिसका धुआं इकट्ठा होकर दिल्ली की तरफ आ जाता है। इससे दिल्ली का वातावरण खराब होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हरियाणा की प्रशंसा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हरियाणा सरकार ने पराली प्रबंधन पर बेहतरीन कार्य किया और पंजाब को भी हरियाणा से सीखने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बाॅयोमेडिकल कचरा, प्लास्टिक उपयोग और हानिकारक पदार्थों के निपटान, सॉलिड वेस्ट आदि के नियंत्रण के लिए सरकार ने विभिन्न नीतियां लागू की हैं। विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में 5250 ईको क्लब भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य वायु, जल, व मिट्टी हर प्रकार के प्रदूषण की समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करना है। इस बार के विश्व पर्यावरण दिवस का थीम है-प्लास्टिक मुक्त धरती। उन्होंने कहा कि आज प्लास्टिक से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। हमें इसके प्रति भी सचेत होने की आवश्यकता है।