कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवादी की बात सुनते डीसी मुनीश शर्मा व साथ में एसपी अर्श वर्मा। संवाद
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डीसी के समक्ष हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाता परिवादी। संवाद
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बिजली निगम के खिलाफ दी शिकायत में अपना पक्ष रखतीं सत्यवंती। संवाद
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अवैध कॉलोनी मामले में शिकायत करते शेरसिंह। संवाद
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- कष्ट निवारण समिति की बैठक में फिर से उठा फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों की सरकारी जमीन हड़पने का मामला, डीसी ने भी माना-ढंग से नहीं हुई जांच
- 4 अगस्त को ज्वाइन करने वाले नए आईएएस योगेश सैनी को सौंपे जाएंगे अब तक की जांच के तथ्य, संलिप्तता मिलने पर अधिकारी भी आएंगे कार्रवाई के लपेटे में
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। फर्जी दस्तावेज के सहारे करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन हड़पने का मामला बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में फिर उठा। शिकायतकर्ता ने ढीली जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए तो उपायुक्त ने भी माना कि ढंग से मामले की जांच नहीं हुई। इतना ही नहीं, उन्होंने तो सीटीएम को यह तक कह दिया कि यहां वालों यानी जांच अधिकारियों ने तो हाथ खड़े कर लिए हैं। अब एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) को यह केस भेजो।
इतना ही नहीं, चार अगस्त को बतौर एसडीएम ज्वाइन करने वाले नवनियुक्त आईएएस योगेश सैनी भी अब तक हुई जांच की रिपोर्ट खंगालेंगे। अगर किसी अधिकारी की मिलीभगत उजागर होती है तो फिर वह भी कार्रवाई के लपेटे में आ जाएंगे।
दरअसल, शहर निवासी दिनेश वशिष्ठ यह मामला लगातार उठा रहे हैं। वर्ष 2023 में इस संबंध में एक एफआईआर भी दर्ज हुई है। दिनेश का आरोप है कि फर्जीवाड़े में अधिकारी भी शामिल हैं। इसकी जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाए। इस मामले में उपायुक्त ने दिनेश को एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने का आश्वासन दिया और सीटीएम को इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की अनुपस्थिति में उपायुक्त मुनीश शर्मा को कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करनी पड़ी। उन्होंने सभी 20 परिवाद सुने, जिनमें से 7 का निपटान किया, जबकि 13 लंबित रखे।
जावा निवासी रोशनलाल ने मकान की रजिस्ट्री धोखे से कराने और बंद मकान का ताला तोड़कर सामान निकालने का आरोप लगाया। पुलिस के जांच अधिकारी के तर्क से उपायुक्त संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने दोबारा जांच करने के आदेश दिए व तब तक शिकायत लंबित रखने के लिए कहा।
- चाहे 4 x 4 वाहन लेकर जाओ, पर जांच करके आओ
पिछली बैठक से लंबित पिचौपा के ग्रामीणों ने माइनिंग कंपनी के भूजल दोहन करने की शिकायत की सुनवाई हुई। महिला माइनिंग अधिकारी ने कहा कि सरकारी गाड़ी उस जगह तक नहीं जा पाई। इसके चलते जांच आगे नहीं बढ़ सकी। इस पर उपायुक्त ने कहा कि चाहे 4 x 4 वाहन लेकर जाओ पर जांच करके आओ।
- इसी जिले से मिलनी है रिपोर्ट, दूसरे ग्रह पर नहीं जाना
झोझूकलां निवासी सुरेशचंद्र ने वर्ष 2011 में बीपीएल परिवारों को आवंटित भूखंडों पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। इस पर बीडीपीओ ने पक्ष रखते हुए कहा कि पैमाइश रिपोर्ट आने के बाद कब्जा दिला देंगे। इस पर उपायुक्त ने कहा कि 14 साल बाद भी पात्रों को भूखंडो पर कब्जा नहीं मिला है, इससे ज्यादा देरी और क्या होगी। उन्होंने कहा कि पैमाइश रिपोर्ट जिले में ही मिलनी है। इसके लिए किसी दूसरे ग्रह पर नहीं जाना है।
- बिजली निगम का सिस्टम गलत हो सकता है, जांच कराओ
वार्ड-3 निवासी सत्यवंती ने बिजली निगम के खिलाफ शिकायत दी। सत्यवंती ने कहा कि जब उन्होंने मीटर लगवाया था तो 4,000 रुपये सिक्योरिटी जमा कराई थी। बिजली निगम ने उनसे अतिरिक्त बिल भी वसूला और अब पूरी सिक्योरिटी राशि उसे नहीं दी जा रही है। इस पर अधिकारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि सिस्टम ने 1348 रुपये सिक्योरिटी राशि दर्शाई थी, जो वापस कर दी है। इसके अलावा, 13,249 रुपये बिल के रिफंड किए गए हैं। इस पर डीसी ने कहा कि जब सिक्योरिटी राशि 4,000 ली गई तो 1348 रुपये देने का क्या मतलब। उन्होंने इस मामले की जांच नायब तहसीलदार व अकाउंट ऑफिसर से कराने के निर्देश दिए।
- भूमाफिया के साथ विभाग की मिलीभगत, पहले ही मिल जाती है जानकारी
पिछली बैठक से लंबित अवैध कॉलोनियों संबंधी शेरसिंह की शिकायत भी बैठक में रखी गई। शेरसिंह ने जिला नगर योजनाकार विभाग पर भूमाफिया के साथ सांठ-गांठ कर अवैध कॉलोनियां विकसित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के आदेशानुसार जांच के लिए जब एसडीएम पहुंचे तो मकान मालिकों के बजाय वहां भूमाफिया पहुंच गए। जिला योजनाकार विभाग के अधिकारियों से जांच के लिए टीम पहुंचने की जानकारी साझा करते हैं तो वे तत्काल आगे बात पहुंचा देते हैं। उपायुक्त ने इस मामले की जांच भी नए एसडीएम से कराने का आश्वासन दिया।