कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण दादरी जिला पहली बार येलो जोन में पहुंच गया है। कोरोना प्रभावित जिलों की सूची में भी जिला पहली बार चौथे पायदान पहुंच गया है। गंभीर होती स्थिति को देखते हुए डीसी राजेश जोगपाल ने अधिकारियों को बिन अनुमति जिला न छोड़ने और कोविड गाइडलाइन की जिले में सख्ती से पालन करने के आदेश दे दिए हैं। शुक्रवार को उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर अन्य आवश्यक निर्देश भी दिए।
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने कहा है कि कोरोना से बचाव और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मास्क न लगाने और कोविड-19 के नियमों का पालन न करने वालों पर अधिक सख्ती करने का निर्णय लिया है। लोगों से अपील है कि प्रशासन का सहयोग करें और जरूरी न हो, तब तक अपने घर रहें। अगर बाहर आना पड़े तो हमेशा मास्क पहनें और उचित दूरी बनाए रखें। साथ ही बार-बार अपने हाथों को धोते रहें।
डीसी ने कोरोना के मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए कहा किसी भी सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी की आम जनता से ज्यादा ड्यूटी है। हम सभी को स्वयं को स्वस्थ रखते हुए आम लोगों की रक्षा करनी है। लोगों की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी हम सब पर है। ऐसे में प्रशासन को सख्त होना पड़ेगा, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन की ओर से अब बिना मास्क घूमने वालों और कोविड-19 के नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। शुक्रवार दोपहर जिले में 173 एक्टिव केस थे।
अंतिम संस्कार की भी प्रशासन से लेनी होगी अनुमति
डीसी ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अब कोई भी समारोह सुबह 5 से रात 10 बजे तक ही किया जा सकता है और इसके दौरान सरकार द्वारा निर्धारित संख्या का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी शादी समारोह, सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक कार्यक्रम सहित अंतिम संस्कार के लिए भी जिला प्रशासन से अनुमति लेनी जरूरी है। ऐसा न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कार्यालय में एसी चलता मिला तो विभागाध्यक्ष पर गिरेगी गाज
डीसी ने कहा कि जिले में किसी भी कार्यालय में एसी के प्रयोग को वर्जित कर दिया गया है। किसी भी कार्यालय में अगर एसी का प्रयोग किया जाता है तो संबंधित विभागाध्यक्ष इसके लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष अपने कार्यालय में भी सभी स्टाफ सदस्यों को मास्क पहनने के लिए कहें और ऐसा न करने पर उनके भी चालान किए जाएं।
अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रत्येक सप्ताह होगा टेस्ट
डीसी ने सिविल सर्जन डॉ. सुदर्शन पंवार को कहा कि जब तक आम लोगों की सेवा में लगे अधिकारी एवं कर्मचारी स्वस्थ नहीं रहेंगे, तब तक लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है। ऐसे में सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों का प्रत्येक सप्ताह टेस्ट करवाएं।
कंटेनमेंट जोन में सावधानी से करें कार्य : एडीसी
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने कहा कि नगर परिषद सहित सभी संबंधित विभागों को कंटेनमेंट जोन में कार्य करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। कंटेनमेंट जोन में संक्रमण का ज्यादा खतरा है। ऐसे में नगर परिषद इन क्षेत्रों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ वहां भेजें और प्रत्येक कर्मचारी मास्क, ग्लवज और पीपीई किट के साथ ही काम करें।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह, शंभू राठी, नगराधीश अमित मान, डीएसपी रामसिंह बिश्नोई, उप निदेशक पशुपालन डॉ. जसवंत, विपणन बोर्ड के जिला प्रबंधक श्याम सुंदर, डीटीपी नीलम शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल, डीपीसी प्रकाश फौगाट, नप सचिव प्रशांत पारासर व नायब तहसीलदार अंकित सहित विभिन विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।