चरखी दादरी। गांव समसपुर के ग्रामीण दूषित पेयजल आपूर्ति से परेशान हैं। वीरवार को ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में एक्सईएन रमेशचंद्र गौड़ से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पिछले कई सालों से समसपुर में गहराए पेयजल संकट की जानकारी एक्सईएन को दी और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। एक्सईएन ने उन्हें जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
एक्सईएन को ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जलघर होने के बाद भी ग्रामीणों के कंठ सूखे हैं। उन्होंने बताया कि जलघर का टैंक जर्जर होने से पानी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई साल से यह समस्या बनी है और अब तक जन स्वास्थ्य विभाग ने इस पर संज्ञान नहीं लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके अलावा गांव के ज्यादातर हिस्से में डाली गई पेयजल लाइनें भी जर्जर हो चुकी हैं और इन्हें बदलवाने की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने इस ओर भी ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सप्लाई के समय घरों में जो पानी पहुंच रहा है वो दूषित है। इसे पीने तो क्या सफाई कार्य में भी प्रयोग नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि घरों का पेयजल संकट दूर करने के लिए ग्रामीण अपने स्तर पर पानी का प्रबंध कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें दूर-दराज क्षेत्र में लगे हैंडपंप की खाक छाननी पड़ रही है।
- डिप्टी सीएम के आदेश के बाद भी स्थिति जस की तस
ग्रामीण मंगत शर्मा, नवीन, रामप्रसाद, अंकित, राकेश, संदीप झोंका, रामधारी, सतबीर, बिजेंद्र, अमरचंद, बाबूलाल, धर्मबीर, विक्रम, बलवान आदि ने बताया कि करीब एक साल पहले डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के समक्ष भी उन्होंने यह शिकायत रखी थी। उस दौरान उन्होंने जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन नतीजा सिफर है।