चरखी दादरी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बिजली निगम की कार्यप्रणाली में बड़ी लापरवाही पाते हुए गांव छपार निवासी एक उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने बिजली निगम की ओर से जारी 34,525 रुपये के बिल को रद्द करते हुए निगम पर जुर्माना भी लगाया है। साथ ही आयोग ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब उपभोक्ता ने बिल को चुनौती दी तो यह निगम की जिम्मेदारी है कि वह मीटर की लैब में जांच करवाकर उसकी सटिकता को प्रमाणित करे, लेकिन इसे करने में निगम विफल रहा है।
यह था मामला : गांव छपार निवासी मामन राम ने अधिवक्ता नितिश कौशिक के माध्यम से आयोग में दायर किए अभियोग में बताया था कि उनके आवासीय परिसर में लगे बिजली मीटर का बिल जुलाई 2022 में शून्य रीडिंग के साथ आया था। इसके तुरंत बाद सितंबर 2022 में निगम ने अचानक 4,408 यूनिट की खपत दिखाते हुए 34,525 रुपये का बिल भेज दिया।
उपभोक्ता का तर्क था कि एक ग्रामीण क्षेत्र के घर में दो महीने के भीतर इतनी भारी बिजली खपत होना असंभव है, जो मीटर की तकनीकी खराबी या मीटर जंप की ओर इशारा करता है।