बाढड़ा। बाढड़ा के जुई रोड स्थित एसडीओ कार्यालय के नए भवन के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक भवन वर्ष 2026 के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसके बनने से बिजली विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
वर्तमान में बाढड़ा उपमंडल बिजली कार्यालय लगभग 50 गांवों की बिजली आपूर्ति, बिलिंग और अन्य प्रशासनिक कार्यों का संचालन करता है। करीब 40-50 वर्ष पूर्व निर्मित पुराना भवन समय के साथ पूरी तरह जर्जर हो चुका था। वर्ष 1995 में कादमा किसान आंदोलन के दौरान हुई आगजनी से भवन को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद समुचित रखरखाव न होने के कारण दीवारों में दरारें पड़ गईं, छतें कमजोर हो गईं और पलस्तर गिरने से कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा था।
बारिश में और बिगड़ जाते थे हालात
मानसून के दौरान भवन की स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। छत से टपकता पानी विभाग के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाता था। कई बार बरसात के समय कर्मचारियों को जान-माल की सुरक्षा के चलते कार्यालय खाली करना पड़ता था। मजबूरी में कर्मचारी अपनी जेब से पॉलिथीन खरीदकर फाइलों और दस्तावेजों को ढकते नजर आते थे।
किराये के भवन में चल रहा कार्यालय
करीब दो वर्ष पहले इस गंभीर समस्या को मीडिया में प्रमुखता से उठाया गया जिसके बाद विभाग हरकत में आया। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग ने कस्बे में किसान भवन के समीप एक निजी भवन किराये पर लेकर वहां अस्थायी रूप से कार्यालय का संचालन शुरू किया। फिलहाल उपभोक्ताओं को प्रशासनिक कार्यों के लिए उसी किराये के भवन में जाना पड़ रहा है।
70 के दशक में बना था बिजली केंद्र
उल्लेखनीय है कि 70 के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल के कार्यकाल में बाढड़ा में 132 केवी बिजली आपूर्ति केंद्र और उपमंडल कार्यालय का निर्माण कराया गया था। उस समय यहां अधिकारियों के आवास, पेयजल के लिए कुआं, वाटर टैंक और विश्रामगृह जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई थीं। समय के साथ रखरखाव के अभाव और आगजनी की घटनाओं ने इस परिसर को खंडहर में बदल दिया। सांसद धर्मबीर सिंह और उमेद पातुवास के मांगपत्र के बाद पुराने भवन को ध्वस्त कर नए कार्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हुआ। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि नया भवन बिजली सेवाओं में गुणवत्ता और कार्यप्रणाली में सुधार लाएगा।
वर्जन:
पुराने भवन की हालत खराब हो चुकी थी और बारिश के कारण महत्वपूर्ण रिकॉर्ड लगातार नष्ट हो रहा था। कर्मचारियों से विचार-विमर्श के बाद ही कार्यालय को निजी भवन में स्थानांतरित किया गया। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से पुराने भवन को तोड़ दिया गया है और नए भवन के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया गया था। फिलहाल जुई रोड पर पुराने भवन के समीप स्थित रिहायशी क्वार्टरों को तोड़कर नए कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। - एसडीओ रामसिंह, बिजली निगम