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कॉलेज का समय वही रहेगा, प्रोफेसर को शिक्षण के लिए पाठ योजना एक घंटे की करनी होगी तैयार, मुख्यालय से पहुंचे निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कॉलेजों में इस बार पीरियड 45 के बजाय एक घंटे का होगा जबकि कॉलेज का समय वही रहेगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी कॉलेजों में पत्र जारी किया गया है। इससे अब प्रोफेसर को शिक्षण के लिए पाठ योजना एक घंटे की तैयार करनी होगी।
बता दें कि पहले कॉलेजों में पीरियड 45 मिनट का होता था। घंटी बजने पर पांच से सात मिनट में प्रोफेसर कक्षा में पहुंच पाता था। उसके बाद कक्षा हाजिरी लेने में भी इतना ही समय बीत जाता। ऐसे में कक्षा शिक्षण के लिए समय मुश्किल से 30 मिनट ही बच पाता था। इससे पाठ इतने थोड़े समय में पूरा नहीं हो पाता था। कई बार तो कई विषयों का पाठ्यक्रम ही पूरा नहीं हो पाता था। मुश्किल विषयों के प्रतिदिन एक पीरियड के अलावा सप्ताह में तीन दिन और लगाने पड़ते थे। इसके बाद पाठ्यक्रम पूरा हो पाता था।
अब एक घंटे का पीरियड करने से प्रत्येक विषय का पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सकेगा। कक्षा में प्रत्येक विषय को पढ़ाने के लिए प्रोफेसर को पर्याप्त समय मिल जाएगा। वह पाठ का विस्तृत व्याख्यान कर सकेगा। प्रोफेसर को भी एक घंटे की लंबी पाठ योजना तैयार करनी होगी। इससे अब एक घंटे में शिक्षण का पर्याप्त काम हो सकेगा। कॉलेजों में एक प्रोफेसर करीब चार ही पीरियड ले पाता है। विदित रहे कि कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया तकरीबन पूरा हो चुकी है। एक अगस्त से नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इस बार विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वर्सन :
सभी कॉलेजों में पीरियड का समय 45 मिनट से बढ़ाकर एक घंटा कर दिया गया है। अब प्रोफेसर के पास पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय रहेगा। उसे अब एक घंटे की पाठ योजना तैयार करनी होगी। अब सभी विषयों के पाठ्यक्रम भी समय पर पूरे होने की उम्मीद है।
-डॉ. पवन कुमार शर्मा, प्राचार्य, दादरी राजकीय कॉलेज
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किसान मॉडल स्कूल, जहां दादरी राजकीय कॉलेज संचालित है। संवाद