जिले में वीरवार को घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। कोहरे की वजह से दृश्यता 20 मीटर बनी रही। कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार तीसरे दिन भी बना रहा। लोग दिनभर ठिठुरते रहे। अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम आठ डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे को रबी की फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
क्षेत्र में भीषण ठंड का प्रकोप बना हुआ है। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। दोपहर एक बजे तक कोहरे की चादर छायी रही। कोहरे की वजह से वाहन चालकों को बेहद परेशानी झेलनी पड़ी। वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा। कोहरे में दृश्यता 20 मीटर तक बनी रही, जिससे वाहन चालकों में हादसों का अंदेशा बना रहा। वाहनों की गति पर ब्रेक लगने की वजह से दैनिक यात्रियों को आवागमन में दिक्कत बनी रही। सरकारी कर्मचारी कार्यालयों में देरी से पहुंचे। स्कूली छात्रों को आने- जाने में परेशानी हुई। सरकारी कार्यालयों, घरों व अन्य स्थानों पर लोगों ने हीटर व अंगीठी आदि जलाकर आग से बचाव किया। बाजारों में दुकानदार भी अलाव सेकते देखे गए। वीरवार को दिन का अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम आठ डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम सात डिग्री दर्ज किया गया था। ऐसे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक- एक डिग्री की गिरावट आई है।
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ठंड
ठंड का आम जन-जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खासकर बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है। चिकित्सकों की राय है कि लोग ठंड से बचाव रखें। ठंड में खानपान का भी विशेष ध्यान रखें। हृदय एवं श्वास रोगियों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
फसलों के लिए फायदेमंद है कोहरा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कोहरा रबी की गेहूं, जौ, चना व सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद है। जिले में गेहूं का रकबा 54 हजार 600 हेक्टेयर और सरसों की बिजाई 53 हजार 300 हेक्टेयर क्षेत्र में कर रखी है। 2300 हेक्टेयर में जौ की फसल है।
कड़कड़ाती ठंड में स्कूल जाने को विवश बच्चे
जिले में पिछले एक सप्ताह से ठंड का कहर जारी है। इसके बावजूद अब तक शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की तरफ से स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। स्कूलों का सर्द कालीन अवकाश घोषित न होने से बच्चों को कड़कड़ाती ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों के जहन में बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता बनी हुई है।