अस्पताल में पहुंची टीम कार्रवाई करते हुए।
चरखी दादरी/बौंदकलां। बौंदकलां में स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लिए बिना दंत चिकित्सालय चलाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार को इसका भंड़ाफोड़ किया। अहम बात यह रही कि संचालक के पास कोई डिग्री भी नहीं मिली। इस पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में मिले दवाओं के स्टॉक और औजारों को सील कर पुलिस को सौंप दिया है। वहीं, संचालक पर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश भी की गई है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को सूचना मिली थी कि बौंदकलां में वर्मा दांतों का अस्पताल स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लिए बिना चलाया जा रहा है। इस आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता दोपहर 2.20 पर बौंदकलां पहुंचा। डेंटल सर्जन डॉ. पुनीत को कार्रवाई में शामिल किया गया। संयुक्त टीम ने वर्मा दांतों के अस्पताल पर पहुंचकर जांच की तो संचालक वहीं हाजिर मिला।
उससे अस्पताल चलाने का लाइसेंस व अनुमति पत्र मांगा गया तो वो कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। चेकिंग के दौरान अस्पताल के डेंटल चेयर, दवाएं और दांत उखाड़ने के उपकरण और मरीजों का रजिस्टर मिला। इन तमाम चीजों को टीम ने सील कर दिया। इसके बाद ये सामान मौके पर मौजूद एसआई बलबीर सिंह को सौंपा गया। डॉ. पुनीत ने बिना डिग्री के डेंटल अस्पताल चलाने पर बौंदकलां थाना पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।
- निगम टीम ने की बिजली मीटर की जांच
दबिश के दौरान एक बिजली के मीटर से कई दुकानों में इसका कनेक्शन पाया गया और इसके चलते जेई सुमित कुमार को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने बिजली मीटर की चेकिंग की और इस दौरान किसी प्रकार की बिजली चोरी का मामला नहीं पाया गया।
- एक माह के अंदर दूसरे अस्पताल पर हुई कार्रवाई
इससे पहले भी करीब एक माह पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बौंदकलां में दबिश देकर बिन अनुमति चल रहे अस्पताल का भंड़ाफोड़ किया था। उस दौरान उड़नदस्ते को उक्त अस्पताल में लैब भी संचालित मिली थी और इसके चलते एफआईआर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से दर्ज करवाई गई थी।