चरखी दादरी। जिले की प्रमुख बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के लिए अब प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 41 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के बाद सिंचाई विभाग ने प्रोजेक्ट की फाइल मुख्यालय चंडीगढ़ भेज दी है। वहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय कमेटी से अंतिम मंजूरी ली जाएगी।
करीब 33 किलोमीटर लंबी यह डिस्ट्रीब्यूटरी अब पूरी तरह सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) से निर्मित की जाएगी। नहर की गहराई और लेवलिंग भी की जाएगी। इससे पानी की बहाव क्षमता बढ़कर 176 से 235 क्यूसेक तक हो जाएगी। इससे जल वितरण व्यवस्था में सुधार होगा और पानी की बर्बादी पर भी नियंत्रण लगेगा।
बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी का आरडी-0 गांव बिगोवा से लेकर अंतिम छोर गांव बधवाना तक जीर्णोद्धार होगा। वर्तमान में यह नहर रेतीले इलाकों से होकर गुजरती है। इस कारण रेत और मिट्टी का जमाव नहर में बार-बार पानी के प्रवाह को बाधित करता है। गांव मंदोला-मंदोली क्षेत्र में यह समस्या सबसे अधिक देखी जाती है, जिससे टेल तक पानी पहुंचने में देरी होती है।
जिले में मेन लोहारू कैनाल व लोहारू फीडर नहरें हैं। इन नहरों से ही माइनर व सब माइनर निकलते हैं, जिससे संपर्क क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जाता है। इस समय अधिकतर नहरें ईंटों से बनी हुई हैं, जिससे पानी का रिसाव ज्यादा होता है। नहर के टूटने का भी खतरा बना रहता है।
बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के तहत कई गांवों में सिंचाई व जलघरों में पानी की किल्लत काफी हद तक दूर हो सकेगी। इस नहर पर करीब 25 जलघर पड़ते हैं, इनमें नहर से ही पानी डाला जाता है और जोहड़ आदि भी भरे जाते हैं। सिंचाई विभाग का मानना है कि जीर्णोद्धार के बाद टेल एरिया तक समय पर पानी की उपलब्धता, नहरों की मजबूती और भूजल स्तर सुधार जैसे लाभ मिलेंगे। नहरों की सीमेंटिंग से रिसाव पर रोक लगेगी और किसानों के साथ-साथ ग्रामीण जल उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।