मिशन के तहत गांव में बनाई गई कचरा शेड।
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चरखी दादरी। स्वच्छ मिशन 2.0 के बिंदुओं पर करीब छह माह पहले काम पूरा होने के बाद आगे की गतिविधियों पर विराम लगा हुआ है। आगामी मिशन के लिए नई गाइडलाइन न आने से स्वच्छ मिशन ठंडे बस्ते में पड़ गया है। मिशन के अगले चरण 3.0 के बारे में फिलहाल असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मिशन 2.0 के तहत शौचालय मल प्रबंधन व कचरा निपटान पर काम हुआ। वेंडर से अनुबंध कर कचरा का निस्तारण एवं सदुपयोग हुआ।
मिशन 2.0 के तहत इन बिंदुओं को सिरे चढ़ाया : मानव मल गाद प्रबंधन योजना के तहत शौचालयों की कुई या अन्य सार्वजनिक जगह से मल का उठान करने के बाद टैंकर होल्डर तैनात किए गए। कुई से मल निकासी के लिए 19 टैंकर का पंजीकरण किया गया। रजिस्ट्रेशन के बाद ही टैंकर होल्डर शौचालय की कुई के मल का उठान कर सकता है। बिना रजिस्ट्रेशन के टैंकर होल्डर अगर शौचालय की कुई को खाली करता है तो उसे प्रथम बार पांच हजार रुपये जुर्माना चुकाना होता है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर इस जुर्माना राशि में 20 प्रतिशत और शामिल कर दिया जाता है। फिर भी टैंकर होल्डर नियमों की अवमानना करता है तो उसे छह माह की सजा तक काटनी पड़ सकती है।
वर्सन
फिलहाल विभाग के पास अगले मिशन का कोई प्रारूप नहीं है। स्वच्छता मिशन 2.0 के बिंदुओं पर काम हो चुका है। अब सरकार के अगले चरण का इंतजार है। सतीश कुमार, मैनेजर, स्वच्छता